यूसीसी कानून धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं : पुष्कर सिंह धामी




उत्तराखंड सीएम का किया गया बरेली के इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में सम्मान
बरेली, 31 मार्च (हि.स.) । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने का संवैधानिक उपाय है, जिससे महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार में समान अधिकार मिलेंगे। यह कानून किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है, बल्कि कुप्रथाओं को समाप्त कर समरसता स्थापित करने का प्रयास है। वह सोमवार को उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने को लेकर बरेली के इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे।इस दौरान धामी का सम्मान किया गया।
उन्होंने यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रावधान महिलाओं और उनके बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। उत्तराखंड से शुरू हुई यह पहल अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों-अनुच्छेद 370 की समाप्ति, तीन तलाक का उन्मूलन, नागरिकता संशोधन कानून और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में यूसीसी लागू किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने आईएमए की टीम को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने पर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार