एकनाथ शिंदे पर कुणाल कामरा की टिप्पणी से महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों का कामकाज प्रभावित

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एकनाथ शिंदे पर कुणाल कामरा की टिप्पणी से महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों का कामकाज प्रभावित


- स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी : देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, 24 मार्च (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की व्यंगात्मक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों का कामकाज कई बार स्थगित करना पड़ा। सत्तापक्ष के आक्रामक विधायकों ने कुणाल कामरा पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए सदन में शोरशराबा किया। इसके बाद कामरा के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने का भरोसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में दिया है।

विधानसभा में शिंदे समूह के विधायक अर्जुन खोतकर ने कहा कि स्टैंड अप कामेडियन कुणाल कामरा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर व्यंगात्मक टिप्पणी करके उनका अपमान किया है। इससे पहले कामरा ने प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध भी इसी तरह की टिप्पणी की थी। इसलिए इस मामले में कामरा पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद सत्तापक्ष के कई विधायकों ने खोतकर की मांग का समर्थन किया और शोरशराबा मचाने लगे। इस पर अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सभागृह का कामकाम पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद शुरू हुई कार्यवाही में मुख्यमंत्री ने कुणाल कामरा के बयान की निंदा की।

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने 2024 के विधानसभा चुनाव में दिखा दिया है कि बालासाहेब ठाकरे के विचार किसके साथ हैं। फडणवीस ने कहा कि कोई भी व्यंगात्मक कविता लिखे, राजनीतिक व्यंग्य लिखे, तो हम तालियां बजाएंगे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करने वाले लोग हैं, लेकिन अगर कोई इस तरह सुपारी लेकर हमारा अपमान करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसी तरह विधान परिषद में भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने कुणाल कामरा को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। दरेकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे बड़े नेता हैं और उन पर की गई व्यंगात्मक टिप्पणी से उनके समर्थक नाराज हुए हैं।

नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि कुणाल कामरा ने बोला है, वह सत्य है, इसे मजाकिया लहजे में लिया जा सकता था, लेकिन इसे लेकर खार में होटल में तोड़ फोड़ की गई है। लॉ एंड आर्डर खराब किया गया है। होटल में तोड़-फोड़ करने वालों पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव