आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट कर जैव प्रौद्योगिकी पर मांगा सहयोग

नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री वाई. सत्य कुमार ने आज यहां केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राज्य को और अधिक सहयोग की मांग की। चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने राज्य में जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने तथा केंद्रीय सहायता से चल रही पहलों को आगे बढ़ाने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
सत्य कुमार ने मोदी सरकार के सहयोगी रवैये के लिए आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य सेवा में प्रगति और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए जैव प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए आंध्र प्रदेश की प्रतिबद्धता के बारे में बताया। उन्होंने राज्य में अत्याधुनिक नवाचार लाने के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के तहत जैव प्रौद्योगिकी एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र बना हुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स और टिकाऊ स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में जैव प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश ऐसी प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आंध्र प्रदेश भारत के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बायोफार्मास्युटिकल अनुसंधान, समुद्री जैव प्रौद्योगिकी और कृषि जैव प्रौद्योगिकी समाधान जैसे क्षेत्रों में एक प्रमुख राज्य के रूप में उभरा है। राज्य में कई बायोटेक इनक्यूबेटर और अनुसंधान संस्थान हैं, जो नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में सहायक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) फंडिंग और राष्ट्रीय बायोटेक मिशन जैसी पहलों के साथ आंध्र प्रदेश ने बायोटेक स्टार्टअप और उद्योग साझेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि सहयोग के लिए नए सिरे से प्रयास का उद्देश्य राज्य को भारत के व्यापक जैव प्रौद्योगिकी योजना में और अधिक शामिल करना है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दधिबल यादव