सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप में प्रदर्शन, पार्षद के खिलाफ एफआईआर की चेतावनी
हुगली, 03 जून (हि. स.)। श्रीरामपुर के तारापुकुर इलाके में सरकारी जलाशय (वेटलैंड) को भरकर अवैध निर्माण किए जाने के आरोप में स्थानीय निवासियों ने बुधवार को विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जलाशय को भरकर जमीन की बिक्री किए जाने से इलाके की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने 27 नंबर वार्ड के पार्षद पिंटू नाग पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने अवैध निर्माण को हटाने तथा सरकारी जमीन को पुनः मुक्त कराने की मांग की।
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता पायल राय ने कहा कि जलभराव की समस्या के कारण डेंगू सहित विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, पार्षद पिंटू नाग ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने फोन पर कहा कि जिस जमीन को लेकर उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह जमीन उनके वार्ड के अंतर्गत ही नहीं आती। उनके अनुसार संबंधित जमीन सरकारी नहीं है और उसकी खरीद-बिक्री कई वर्ष पहले ही हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस मामले से उनका कोई संबंध नहीं है और उन्हें बेवजह विवाद में घसीटा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे श्रीरामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराएंगे और व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

