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विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्रास फाउंडेशन की विशेष संगोष्ठी, पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया जोर

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विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्रास फाउंडेशन की विशेष संगोष्ठी, पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया जोर


विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्रास फाउंडेशन की विशेष संगोष्ठी, पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया जोर


कोलकाता, 05 जून (हि. स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘मंत्रास फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय का सहयोग प्राप्त था।

‘एनवायरनमेंट राउंड एंड सिम्पोजियम 3.0’ नामक इस कार्यक्रम की मुख्य थीम थी— “मानव निर्मित आपदाएं : लापरवाही की कीमत और समाधान का आह्वान”। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् डॉ. स्वाती (नंदी) चक्रवर्ती और अंकुर चतुर्वेदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद के.पी. खेमका, अतुल सिंह, विभोर टंडन समेत कई विशिष्ट वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने बढ़ती गर्मी, अनियमित वर्षा, आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राजस्थान के चुरू सहित देश के कई हिस्सों में तापमान 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो गंभीर चेतावनी है।

वक्ताओं ने सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। स्मिता पांडे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की आवश्यकता बताई।

पर्यावरणविद् डॉ. स्वाती (नंदी) चक्रवर्ती ने कहा कि एल नीनो के प्रभाव के कारण भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में असामान्य रूप से तापमान बढ़ा है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) के उपयोग को कम करने और कार्बन क्रेडिट जैसी आधुनिक प्रणालियों को पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताया।

वहीं, अंकुर चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कॉरपोरेट क्षेत्र में सतत विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक हितों और पर्यावरणीय संतुलन के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित कर विकास और संरक्षण दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर मंत्रास फाउंडेशन की विभिन्न जन-जागरूकता पहलों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई। अंत में सभी उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय