वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने वन्यजीव प्रेमियों को दी नई सौगात
झाड़ग्राम, 02 मार्च (हि. स.)। जंगलमहल के पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके झाड़ग्राम जूलॉजिकल पार्क का स्वरूप जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। पार्क में अब जल्द ही शेरों की दहाड़ सुनाई देगी। रविवार को राज्य की वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने पार्क में कई नए एनक्लोजरों का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए वन्यजीव प्रेमियों को यह बड़ी सौगात दी।
रविवार देर शाम एक प्रेस वार्ता के दौरान वन मंत्री हांसदा ने बताया कि पार्क में पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने के लिए उत्तर बंगाल अथवा बिहार के राजगीर से दो शेर लाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से एक विशेष अत्याधुनिक एनक्लोजर तैयार किया जा रहा है। शेरों के साथ-साथ ओडिशा के नंदनकानन प्राणी उद्यान से आठ पैंगोलिन भी लाए जाएंगे। एनक्लोजर का निर्माण पूरा होते ही प्रस्ताव केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को अंतिम अनुमति के लिए भेजा जाएगा।
आगामी तीन महीनों के भीतर उत्तर बंगाल के बंगाल सफारी से दो रॉयल बंगाल टाइगर और करीब डेढ़ महीने में कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर से तीन मगरमच्छ झाड़ग्राम लाए जाएंगे। पार्क प्रबंधन के लिए उत्साहजनक बात यह है कि यहां पूर्व में लाए गए तेंदुओं का प्रजनन सफल रहा है, जिसे देखते हुए अब शेर और पैंगोलिन के प्रजनन की भी विस्तृत योजना बनाई गई है। इस अवसर पर वन मंत्री ने ट्रैप कैमरों में कैद बाघ, भालू और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों की तस्वीरों वाले सूचना बोर्ड का अनावरण किया।
वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वन विभाग ने झाड़ग्राम रेंज में मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए एक आधुनिक कंट्रोल रूम की शुरुआत की है। यहां 16 एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों के जरिए हाथियों की आवाजाही पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
मंत्री ने बताया कि थर्मल कैमरा युक्त ड्रोन की स्वीकृति मिलने के बाद रात के समय भी निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो जाएगी। साथ ही मगरमच्छ, एंटीलोप, मिश्रित हिरण, एमू, शुतुरमुर्ग और विभिन्न पक्षियों के लिए नए एनक्लोजरों की आधारशिला भी रखी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

