लक्खी भंडार योजना में कथित फर्जीवाड़ा, रिषड़ा नगरपालिका के पार्षद पार्थ सारथी गुप्ता गिरफ्तार
हुगली, 30 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार की बहुचर्चित लक्खी भंडार योजना में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में रिषड़ा नगरपालिका के वार्ड संख्या-1 के पार्षद पार्थ सारथी गुप्ता उर्फ पप्पू गुप्ता को श्रीरामपुर थाने की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में विजय साव नामक एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिषड़ा नगरपालिका के वार्ड संख्या-1 की निवासी उर्मिला देवी ने हाल ही में श्रीरामपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके नाम पर मिलने वाली लक्खी भंडार योजना की अनुदान राशि उनके बैंक खाते में जमा होने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेजी जा रही थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उर्मिला देवी के नाम पर मिलने वाली राशि कथित रूप से पार्षद के रिश्तेदार विजय साव के बैंक खाते में जमा हो रही थी। आरोप है कि पिछले लगभग चार वर्षों से योजना की रकम इसी खाते में स्थानांतरित की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद श्रीरामपुर थाने की पुलिस ने जांच शुरू की और सबसे पहले विजय साव को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने रिषड़ा नगरपालिका के पार्षद पार्थ सारथी गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इसी तरह के अन्य लाभार्थियों की राशि भी गलत खातों में भेजी गई है। जांच के लिए बैंक खातों, सरकारी रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

