मेखलिगंज नगरपालिका में बड़ा राजनीतिक बदलाव, तृणमूल छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए चेयरमैन सहित छह पार्षद
कोलकाता, 5 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कूचबिहार जिले की मेखलिगंज नगरपालिका में तृणमूल कांग्रेस को झटका देते हुए चेयरमैन समेत छह पार्षद कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके साथ ही नगरपालिका पर अब कांग्रेस का कब्जा हो गया है। शुक्रवार को कोलकाता स्थित विधान भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार की मौजूदगी में इन नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। इस दौरान वरिष्ठ नेता देवप्रसाद राय और विश्वजीत सरकार भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि नौ वार्ड वाली छोटी नगरपालिका होने के बावजूद हाल के दिनों में मेखलिगंज का राजनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है। राज्य में जारी राजनीतिक बदलाव के माहौल के बीच इस घटनाक्रम को उत्तर बंगाल की राजनीति में नए समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है। चेयरमैन प्रभात पाटनी ने कहा कि वे पहले तृणमूल में रहकर लोगों के लिए काम करना चाहते थे, लेकिन पार्टी के अंदरूनी कलह के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में आम लोगों और व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है, इसलिए उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया।
वहीं, मेखलिगंज के पूर्व विधायक और तृणमूल नेता परेश चंद्र अधिकारी ने कहा कि इस दल बदल को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं की गई है। वे अभी भी तृणमूल कांग्रेस में ही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कूचबिहार में भाजपा की जीत के बाद से ही इलाके की राजनीति काफी अस्थिर बनी हुई है। तृणमूल के अंदर भी असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर अब नगरपालिकाओं में भी दिखने लगा है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

