home page

महाराणा प्रताप जयंती पर कोलकाता में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार, प्रतिमाओं पर अर्पित की गई श्रद्धांजलि

 | 
महाराणा प्रताप जयंती पर कोलकाता में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार, प्रतिमाओं पर अर्पित की गई श्रद्धांजलि


कोलकाता, 18 जून (हि.स.)। महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को कोलकाता में राजस्थान परिषद और अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के संयुक्त तत्वावधान में भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। शेक्सपीयर सरणी स्थित महाराणा प्रताप उद्यान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम्, भारत माता की जय और महाराणा प्रताप अमर रहें के नारों से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। राजस्थान परिषद के अध्यक्ष मोहन लाल पारीक, अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष जय प्रकाश सिंह, राष्ट्रवादी चिंतक एवं समाजसेवी सावर धनानिया तथा धनसेरी फाउंडेशन के चंद्रकांत धानुका ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। बाद में सेंट्रल मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि दी गई।

अपने संबोधन में मोहन लाल पारीक ने कहा कि महाराणा प्रताप ने देशवासियों के मन में स्वाधीनता की ज्योति प्रज्वलित की थी, जिसकी प्रेरणा से आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम को बल मिला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक है तथा आज भी विश्व के अनेक नेता उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।

राजस्थान परिषद के उपाध्यक्ष भागीरथ चांडक ने कहा कि राजमहल और सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर परिवार सहित जंगलों में जीवन बिताने का उदाहरण इतिहास में दुर्लभ है। महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की सर्वोच्च मिसाल है।

राष्ट्रवादी चिंतक सावर धनानिया ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विषम परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने घास की रोटी खाकर संघर्ष किया और स्वाभिमान की रक्षा की। उन्होंने कहा कि आज भी समाज को उसी दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति की आवश्यकता है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के संरक्षक जय प्रकाश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन मातृभूमि और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार बंशीधर शर्मा और शशि लाहोटी ने वीर रस से ओतप्रोत कविताओं का पाठ कर उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया।

कार्यक्रम का संचालन राजस्थान परिषद के महामंत्री अरुण प्रकाश मल्लावत ने किया। आयोजन को सफल बनाने में भागीरथ सारस्वत, सुरेश बेंगानी, राजेश नागोरी, अनिल मलावत सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।

इस अवसर पर शहर के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर