बारुईपुर मामले पर एबीवीपी ने कहा : जांच पूरी तरह पारदर्शी, त्वरित, निष्पक्ष और साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए
कोलकाता, 07 जुलाई (हि. स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बारुईपुर में 12 वर्षीय किशोरी की मौत की घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड देने की मांग की है।
एबीवीपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह हृदयविदारक घटना पूरे समाज को झकझोरने वाली है और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। परिषद ने पीड़िता के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसी भी बच्चे के विरुद्ध अपराध मानवता और कानून के शासन पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में केवल सार्वजनिक निंदा ही नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों और प्रशासन की ओर से त्वरित, निष्पक्ष तथा प्रभावी कार्रवाई भी आवश्यक है। न्याय में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा जांच पूरी तरह पारदर्शी और साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए।
परिषद ने कहा कि चूंकि मामले की जांच जारी है, इसलिए विश्वसनीय साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संलिप्त पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाए। किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव, सामाजिक हैसियत या किसी अन्य प्रकार के दबाव के कारण संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई निर्दोष व्यक्ति गलत तरीके से आरोपित न हो।
एबीवीपी ने कहा कि न्याय न तो पक्षपातपूर्ण होना चाहिए और न ही उसमें देरी होनी चाहिए। सभी उपलब्ध साक्ष्य एकत्र किए जाएं, वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक जांच कराई जाए, गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा जांच को किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त रखा जाए। जांच में बाधा डालने, साक्ष्य दबाने या दोषियों को बचाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
परिषद ने पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और आवश्यक संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही प्रशासन से आग्रह किया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक परिवार को किसी भी प्रकार की धमकी, उत्पीड़न या दबाव से सुरक्षित रखा जाए।
एबीवीपी ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि मामले को लेकर अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और अपुष्ट दावों के प्रसार से बचें, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। परिषद ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा की घटनाएं प्रभावी पुलिस व्यवस्था, जनजागरूकता और पारदर्शी एवं जवाबदेह आपराधिक न्याय प्रणाली की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
परिषद ने बारुईपुर घटना की त्वरित, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच, जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई, दोषसिद्धि होने पर शीघ्र सुनवाई के बाद कठोर दंड, पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं कानूनी सहायता, जांच या न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत संस्थागत उपाय लागू करने की मांग की है।
एबीवीपी के राज्य सचिव नीलकंठ भट्टाचार्य ने कहा कि एबीवीपी न्याय, कानून के शासन और प्रत्येक नागरिक की गरिमा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। हम प्रशासन से निर्भीक, निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं, ताकि सत्य सामने आए और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

