बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद फंसे ठेकेदार, चुनाव पूर्व कराए गए कामों के भुगतान पर संकट
कोलकाता, 12 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हावड़ा और हुगली जिलों के नगर निकायों और पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्यों की जैसे बाढ़ आ गई थी। चुनाव से ठीक पहले कई इलाकों में नई सड़कें, नालियां, कल्वर्ट और ट्यूबवेल लगाए गए। इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अब सत्ता परिवर्तन के बाद इन कामों का भुगतान मिलेगा या नहीं, इसे लेकर ठेकेदारों की चिंता बढ़ गई है।
ठेकेदारों का कहना है कि चुनाव से पहले जल्दबाजी में कई काम बिना टेंडर प्रक्रिया के कराए गए। नगर पालिका के चेयरमैनों, पार्षदों, पंचायत प्रधानों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों के दबाव में उन्हें तत्काल काम शुरू करना पड़ा। अब नई सरकार बनने के बाद उन्हें आशंका है कि इन कार्यों को बाद में मंजूरी मिलने और बकाया भुगतान होने में दिक्कत आ सकती है।
ठेकेदारों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में सरकारी काम टेंडर प्रक्रिया के जरिए दिए जाते हैं, लेकिन आपात स्थिति में कई बार बिना टेंडर के भी काम करना पड़ता है। बाद में “पोस्ट फैक्टो सैंक्शन” के जरिए उसे औपचारिक मंजूरी दी जाती है। चुनाव के दौरान भी इसी प्रक्रिया के तहत कई कार्य कराए गए थे। लेकिन इस बार राजनीतिक बदलाव होने से स्थिति जटिल हो गई है।
हुगली के चंदननगर नगर निगम के एक ठेकेदार ने मंगलवार को बताया कि चुनाव से पहले बिना वर्क ऑर्डर के काम कराना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ठेकेदार सत्तारूढ़ दल के नेताओं की बात नहीं माने, तो पूरे साल उसे काम नहीं मिलता। इस बार भी लाखों रुपये के काम दबाव में करने पड़े। अब जिन अधिकारियों ने काम करवाया था, वे पहचानने से भी इंकार कर रहे हैं।
हालांकि राज्य में सरकार बदल चुकी है, लेकिन हुगली जिले की 12 नगरपालिकाएं और चंदननगर नगर निगम अब भी तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में हैं। वहीं हावड़ा और बाली नगरपालिकाओं में प्रशासक नियुक्त हैं। पंचायतों और जिला परिषदों पर भी तृणमूल का नियंत्रण बना हुआ है। इसके बावजूद नई सरकार आने के बाद चुनाव पूर्व कराए गए विकास कार्यों के भुगतान को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
नगर निकाय प्रमुखों का कहना है कि चुनाव से पहले “पथश्री परियोजना” के तहत करोड़ों रुपये की सड़कों का निर्माण कराया गया था। इनमें से अधिकांश काम केएमडीए के माध्यम से हुए, जबकि कुछ कार्य नगरपालिकाओं ने अपने फंड से कराए। चुनाव की घोषणा से पहले ठेकेदारों को आंशिक भुगतान किया गया था, लेकिन अब भी बड़ी रकम बकाया है।
हुगली जिले के एक नगर पालिका के चेयरमैन ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि नई सरकार राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर राज्य के विकास कार्यों को जारी रखेगी और ठेकेदारों के बकाया भुगतान पर भी सकारात्मक निर्णय लेगी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

