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फुटबॉल खेलने के बाद 21 छात्राएं बीमार, 13 स्वस्थ होकर घर लौटीं

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फुटबॉल खेलने के बाद 21 छात्राएं बीमार, 13 स्वस्थ होकर घर लौटीं


पुरूलिया, 20 सितंबर (हि. स.)। जिले के नितुड़िया थाना क्षेत्र स्थित लालपुर रमणी बाला उच्च विद्यालय में फुटबॉल खेलने के बाद बीमार हुईं 21 छात्राओं में से 13 को रविवार को उपचार के बाद हाड़मड्डी ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई। वहीं, बाकी आठ छात्राओं का रघुनाथपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सभी छात्राओं की हालत स्थिर है। छात्राओं के स्वस्थ होने के बाद अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है।

घटना की शुरुआत गुरुवार को विद्यालय में फुटबॉल खेलने के दौरान हुई। खेलते समय एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी और उसे कथित तौर पर ऐंठन होने लगी। हालांकि, कुछ देर बाद वह सामान्य हो गई। इसके बाद दो अन्य छात्राएं भी इसी तरह अस्वस्थ हो गईं। धीरे-धीरे करीब 13 छात्राओं ने अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की, जिसके बाद अभिभावकों को विद्यालय बुलाया गया और स्कूल में छुट्टी कर दी गई।

अभिभावक और कुछ छात्राएं बीमार छात्राओं को लेकर हाड़मड्डी ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इसी दौरान अस्पताल में उनके साथ आई कुछ अन्य छात्राएं भी अचानक अस्वस्थ महसूस करने लगीं।

बताया गया कि घर लौटने के बाद भी कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ी। इस तरह गुरुवार रात तक कुल 21 छात्राओं को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

खास बात यह रही कि बीमार होने वाली छात्राओं में सिर्फ फुटबॉल खेलने वाली छात्राएं ही नहीं, बल्कि मैच देखने वाली छात्राएं भी शामिल थीं।

शुक्रवार को अधिकांश छात्राओं की हालत में सुधार हुआ। स्थिति को देखते हुए जिला स्तर से मेडिकल टीम भी अस्पताल पहुंची और छात्राओं की जांच एवं उपचार किया। हालांकि, शुक्रवार रात आठ छात्राएं दोबारा इसी तरह अस्वस्थ हो गईं। इसके बाद उन्हें बेहतर निगरानी और उपचार के लिए रघुनाथपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, छात्राओं में घटना को लेकर काफी भय और मानसिक तनाव देखा गया। एक छात्रा के अस्वस्थ होने पर उसके आसपास मौजूद स्वस्थ छात्राएं भी घबराकर अस्वस्थ महसूस करने लग रही थीं। इसी वजह से आठ छात्राओं को रघुनाथपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल में उन्हें अन्य मरीजों से अलग रखकर निगरानी के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि उनका डर और मानसिक तनाव कम किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय