पश्चिम बंगाल के चित्रकारों की न्यायोचित मांगों को लेकर उठी आवाज
आरामबाग, 05 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के चित्रकारों और कला शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को लेकर बुधवार को आरामबाग में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आरामबाग महकमा के विधायक सहित क्षेत्र के कई कलाकार, शिक्षाविद् और विशिष्ट नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य में कला शिक्षा, कलाकारों के भविष्य और कला के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
कार्यक्रम में कलाकारों की ओर से मांग की गई कि राज्य के सभी स्तर के विद्यालयों में योग्य चित्रकारों और कला शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि विद्यालय स्तर से ही कला शिक्षा को बढ़ावा मिलने पर विद्यार्थियों में रचनात्मकता और सृजनात्मक सोच का विकास होगा।
इसके साथ ही आरामबाग में एक आधुनिक आर्ट कॉलेज और आर्ट गैलरी की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं का कहना था कि ऐसे संस्थान बनने से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा और नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रशिक्षण तथा अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान और उसकी सृजनात्मक शक्ति का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए कलाकारों को सम्मान, रोजगार के अवसर और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ-साथ कला के विकास के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों और आयोजकों ने एक स्वर में संदेश दिया—कला बचे, कलाकार बचे, रचनात्मक बंगाल आगे बढ़े। आने वाले दिनों में आरामबाग में आर्ट कॉलेज और आर्ट गैलरी की स्थापना की मांग को और व्यापक स्तर पर उठाने का आह्वान किया गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

