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पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई

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पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई


कोलकाता, 27 जुलाई (हि. स.)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण को लेकर कोलकाता में कॉकरोच जनता पार्टी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा और गिरफ्तारियों पर रविवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोग छात्र नहीं हैं, बल्कि जमाती और मौलवादी हैं, जो भारत में अशांति फैलाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, खारिजी मदरसों की जांच चल रही है। ओबीसी प्रमाणपत्रों की जांच चल रही है जिसके कारण नाराजगी है। उन्होंने कहा कि धर्मतला में ककरोच जनता पार्टी के जुलूस के दौरान पत्रकारों पर हमला किया गया और समाजविरोधी तत्वों ने अशांति फैलाने का प्रयास किया।

उन्होंने बताया कि इस घटना में हेयर स्ट्रीट थाने में छह तथा एंटाली थाने में एक, कुल सात मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में गुंडा दमन कानून भी जोड़ा गया है। इसी कानून के तहत अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों में कुछ आरोपित अन्य राज्यों में भागने की योजना भी बना रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र फांस को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के जुलूस से इन गिरफ्तारियों का कोई संबंध नहीं है। पत्रकारों द्वारा दर्ज कराए गए मामलों के आधार पर गिरफ्तारियां हुई हैं। विधानसभा में जो कहा था, वही होगा।

मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद खारिजी मदरसों की जांच शुरू की गई है। ओबीसी प्रमाणपत्रों के संबंध में उच्च न्यायालय के निर्णय को लागू किया गया है। पशु कानून भी लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से नाराज कुछ दुष्कर्मी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साउंड पॉलिसी में नियम लागू किए गए हैं। खारिजी मदरसों की जांच हो रही है। अवैध रूप से प्राप्त ओबीसी प्रमाणपत्रों को उच्च न्यायालय ने निरस्त किया था और हमने उसे लागू किया है। इसी कारण नाराजगी है। ये लोग छात्र नहीं हैं, बल्कि गुंडे हैं। इनके विरुद्ध गुंडा दमन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता