home page

नंदीग्राम उपचुनाव : जेल से ही लड़ेंगे कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान

 | 
नंदीग्राम उपचुनाव : जेल से ही लड़ेंगे कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान


मेदिनीपुर, 20 सितंबर (हि.स.)। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद शनिवार को हल्दिया अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। छह अक्टूबर को नंदीग्राम में मतदान होना है। इस बीच कांग्रेस ने कहा है कि उसके उम्मीदवार जेल से ही अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

शनिवार को मिलन प्रधान को हल्दिया अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को उन्हें एक अन्य मामले में कांथी अदालत में पेश किया जाएगा। ऐसे में मतदान के समय तक उनके जेल से बाहर आने की संभावना कम मानी जा रही है।

अदालत परिसर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पुलिस का इस्तेमाल कर कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार कराया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि जिन लोगों की हत्या का आरोप मामले में लगाया गया है, उनके परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में नामजद अन्य लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया। कांग्रेस ने गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने का आरोप लगाया है।

पुलिस के अनुसार, 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान सोनाचूड़ा ग्राम पंचायत के गांगड़ा निवासी मिलन प्रधान के खिलाफ खेजुरी थाने में एक और नंदीग्राम थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और अपहरण सहित कई गैर-जमानती धाराएं शामिल थीं। पुलिस का दावा है कि इन मामलों में अदालत ने पहले ही उनके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और वह पिछले 19 वर्षों से फरार थे। चुनाव आयोग के निर्देश के आधार पर उसी वारंट के तहत उन्हें गिरफ्तार किया

मिलन प्रधान के वकील विमल माझी ने आरोप लगाया कि 19 साल पुराने मामले को फिर से सक्रिय कर उनके मुवक्किल को गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना है कि पुलिस की निगरानी में ही मिलन ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में उस समय उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई, यह सवाल है। वहीं, सरकार पक्ष के अधिवक्ता विजय राम ने कहा कि मिलन प्रधान लंबे समय से फरार थे, इसलिए उनकी गिरफ्तारी में देरी हुई।

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता