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जाने माने शिक्षाविद भोगेन्द्र झा के निधन से मैथिल समाज में शोक की लहर

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जाने माने शिक्षाविद भोगेन्द्र झा के निधन से मैथिल समाज में शोक की लहर


कोलकाता, 21 अप्रैल (हि. स.)। प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाजसेवी भोगेन्द्र झा के निधन की खबर से महानगर स्थित पूरे मैथिल समाज में शोक व्याप्त है। सोमवार शाम कोलकाता स्थित एक गैर सरकारी अस्पताल में उन्होंने 70 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजली दी।

भोगेन्द्र झा एक सफल शिक्षाविद होने के साथ-साथ समाज को दिशा देने वाले एक दूरदर्शी व्यक्तित्व माने जाते थे।

उन्होंंने अपने जीवन का अधिकांश समय शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित किया। कोलकाता के बागुईआटी अंचल में जब गुणवत्तापूर्ण विद्यालयों की भारी कमी थी, तब उन्होंने इस आवश्यकता को समझते हुए कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। उनके प्रयासों से हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। वे मानते थे कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज के हर वर्ग को सशक्त बना सकती है और जीवन में सफलता की राह खोल सकती है।

कलकत्ता पब्लिक स्कूल के चेयरमैन के रूप में उन्होंने संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व में विद्यालय ने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के लिए भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। वे छात्रों के सर्वांगीण विकास के पक्षधर थे और हमेशा इस बात पर जोर देते थे कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बने।

मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी-नवकरही गांव के निवासी भोगेन्द्र झा ने अपने पैतृक क्षेत्र को कभी नहीं भुलाया। उन्होंने अपने गांव और जिले में भी विद्यालयों की स्थापना कर बच्चों के भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य किया। प्रवास में रहते हुए भी वे मिथिला की भाषा, संस्कृति और समाज के लोगों के लिए सदैव तत्पर रहे।

उनका मानना था कि एक शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज का मार्गदर्शक होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने संस्थानों में शिक्षकों को भी उच्च आदर्शों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे अपूरणीय क्षति बताया है।

दिवंगत के करीबी रहे मिथिला सेवा ट्रस्ट के चेयरमेन रमाकांत झा ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि

उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जायेगा जिन्होंने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सशक्त बनाने का कार्य किया। उनके द्वारा स्थापित संस्थान आगे भी उनके आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि

भोगेन्द्र झा का जीवन और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप