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चुनाव 26 : विकास को लेकर तृणमूल और भाजपा में जुबानी जंग

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चुनाव 26 : विकास को लेकर तृणमूल और भाजपा में जुबानी जंग


पूर्व मेदिनीपुर, 27 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र स्थित रामनगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव नजदीक आते ही विकास को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। दीघा, मंदारमणि, शंकरपुर और ताजपुर जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के कारण यह क्षेत्र राज्य के पर्यटन मानचित्र पर विशेष महत्व रखता है।

इन चार प्रमुख पर्यटन केंद्रों के अलावा पूरे विधानसभा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक दृष्टि से भी यह इलाका महत्वपूर्ण माना जाता है। मछली, पान और काजू की खेती के कारण रामनगर की अर्थव्यवस्था जिले के अन्य क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत मजबूत है।

चुनाव की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को मुद्दा बनाकर प्रचार में जुटी है और अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रही है। दूसरी ओर तृणमूल के विकास दावों को खारिज करते हुए भाजपा क्षेत्र में अधूरे विकास और स्थानीय समस्याओं को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रही है।

इस विधानसभा क्षेत्र से चार बार के विधायक रहे तृणमूल कांग्रेस के अख़िल गिरी को पार्टी ने एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भाजपा ने शिक्षक चंद्रशेखर मंडल को अपना प्रत्याशी बनाया है।

तृणमूल का दावा है कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से रामनगर क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है। दीघा सहित अन्य पर्यटनस्थलों का सौंदर्यीकरण किया गया है। समुद्र तट के किनारे मरीन ड्राइव बनने से क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदली है। समुद्र कटाव को रोकने के लिए शंकरपुर से ताजपुर तक तटबंधों का पुनर्निर्माण किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण और विभिन्न नहरों पर पुलों का निर्माण व मरम्मत भी की गई है।

भाजपा ने इन दावों को निराधार बताते हुए सवाल उठाया है कि क्या वास्तव में क्षेत्र में विकास हुआ है। हाल ही में रामनगर के बालिसाई में आयोजित भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि समुद्र कटाव रोकने के लिए राज्य सरकार ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि दीघा सहित पर्यटन केंद्रों के विकास में स्थानीय विधायक की भूमिका नगण्य रही है।

शुक्रवार सुबह भाजपा के कांथी जिलाध्यक्ष सोमनाथ राय ने आरोप लगाया कि पर्यटन केंद्रों का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है और समुद्र कटाव की समस्या के बावजूद क्षेत्र के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर योजनाबद्ध तरीके से इलाके का विकास करेगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।

तृणमूल के उम्मीदवार व निवर्तमान विधायक अख़िल गिरी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जो लोग दस वर्ष पहले दीघा आए थे, वे अब आएंगे तो बदलाव साफ देख सकेंगे। जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के बाद दीघा में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और मंदिर के आसपास के क्षेत्र का भी विकास किया गया है।

शुक्रवार शाम अख़िल गिरी ने आरोप लगाया कि जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल में थे और शिशिर अधिकारी दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे, उस समय समुद्र तटबंध निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। उनके अनुसार, रेत के ऊपर कंक्रीट का तटबंध बना दिया गया था, जो बाद में ज्वार-भाटा में टूट गया। बाद में नया और मजबूत तटबंध बनाया गया।

भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि तृणमूल खुद स्वीकार कर रही है कि उसके शासनकाल में भ्रष्टाचार हुआ है और इसी के विरोध में शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी छोड़ी थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता