चुनाव 2026 : चांपदानी में प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस में असंतोष, पुराने गढ़ पर संकट के संकेत
हुगली, 30 मार्च (हि. स.)। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को चांपदानी विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी चयन को लेकर गंभीर असंतोष का सामना करना पड़ रहा है, जिससे एक समय पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में संगठन की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी द्वारा प्रीतम घोष को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद जमीनी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नाराजगी खुलकर सामने आई है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह फैसला आंतरिक लॉबीबाजी का परिणाम है, जिसके कारण हुगली जिला यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष सत्याम सिंह जैसे जमीनी और लोकप्रिय नेता को नजरअंदाज किया गया।
सूत्रों के अनुसार, सत्याम सिंह लंबे समय से क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने, आम लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान राहत कार्यों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी सक्रियता को उनके समर्थक उनकी लोकप्रियता का आधार मानते हैं।
चांपदानी, जो कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां मौजूदा असंतोष को पार्टी के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही उम्मीदवार को लेकर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो इसका असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।
पार्टी नेतृत्व से मांग की जा रही है कि जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय की समीक्षा की जाए, ताकि क्षेत्र में पार्टी का जनाधार और साख बरकरार रखी जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

