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चुंचुड़ा के प्रतापपुर में बंद कमरे से युवती का रक्तरंजित शव बरामद, पति लापता

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चुंचुड़ा के प्रतापपुर में बंद कमरे से युवती का रक्तरंजित शव बरामद, पति लापता


हुगली, 15 अक्टूबर (हि. स.)। जिले के चुंचुड़ा थाना क्षेत्र के प्रतापपुर में दुर्गापूजा की पंचमी के दिन एक बंद कमरे से 38 वर्षीय महिला का रक्तरंजित शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृत महिला की पहचान सानंदा बारिक के रूप में हुई है। घटना के बाद से उनके पति मदन मोहन बारिक का कोई पता नहीं चल पाया है। मृतका के परिजनों ने उनके पति पर संदेह जताते हुए उन्हें मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

स्थानीय सूत्रों और परिजनों के अनुसार, सानंदा ने करीब 13 वर्ष पहले मदन मोहन बारिक से अपनी पसंद से विवाह किया था। मदन मोहन मूल रूप से ओडिशा के बालासोर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। सानंदा के पिता मनोज भद्र केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में कार्यरत थे। शुरुआत में परिवार इस विवाह के खिलाफ था और उस समय पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और करीब तीन महीने बाद सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह समारोह आयोजित किया गया।

करीब पांच वर्ष पहले दंपती ने चुंचुड़ा के प्रतापपुर इलाके में किराये के मकान में रहना शुरू किया था। उनके दो बच्चे हैं, जो घटना के समय अपनी नानी के पास थे।

सूत्रों के अनुसार, मदन मोहन एक प्रतिष्ठित साड़ी प्रतिष्ठान में सेल्स संबंधी काम करते थे। इसी सिलसिले में वह अक्सर कोलकाता के बड़ा बाजार जाते थे। सानंदा कभी-कभी उनके साथ जाती थीं। परिजनों के मुताबिक, घटना से दो दिन पहले दंपती घर से निकले थे। सानंदा के पिता ने बताया कि रात करीब दस बजे उनकी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया। अगली सुबह मकान मालिक ने घर का दरवाजा बंद और बाहर से ताला लगा देखा। उन्होंने इसकी सूचना सानंदा के परिजनों को दी। इसके बाद परिवार ने दंपती की तलाश शुरू की और दोनों के मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके फोन बंद मिले। इसी दौरान खिड़की से कमरे के फर्श पर एक शव दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना पाकर चुंचुड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे से शव बरामद किया। घटनास्थल पर फर्श रक्तरंजित था। शव की स्थिति ऐसी थी कि मृतका के चेहरे की पहचान करना भी मुश्किल बताया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चुंचुड़ा इमामबाड़ा अस्पताल भेज दिया है।

घटना के बाद से मदन मोहन बारिक का कोई सुराग नहीं मिला है। सानंदा के परिजनों का कहना है कि उन्हें दंपती के बीच किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की मौत के लिए दामाद को जिम्मेदार ठहराया है।

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय