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घुसपैठ के मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों को सीमा पर ले जाकर पुलिस ने किया घटना का पुनर्निर्माण, सुरक्षा खामियों की जांच

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दक्षिण दिनाजपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। घुसपैठ की कोशिश के दौरान हिरासत में लिए गए दो बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पर ले जाकर पुलिस ने घटना का पुनर्निर्माण किया। इस दौरान पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि उन्होंने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कैसे किया। शुक्रवार देर रात दोनों को बालुरघाट ब्लॉक के चकभातशाला सीमा क्षेत्र में ले जाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवानों की मौजूदगी में उन्होंने भारत में प्रवेश करने के तौर तरीकों का पुनर्निर्माण किया।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल गिरफ्तार किए गए लोगों के बयान की पुष्टि करना नहीं था, बल्कि बीएसएफ के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र में संभावित सुरक्षा खामियों का पता लगाना भी था। दोनों को फिलहाल तपन स्थित एक होल्डिंग सेंटर में रखा गया है और बाद में निर्धारित प्रक्रिया के तहत बांग्लादेश वापस भेजे जाने की बात कही गई है।

जानकारी के अनुसार, दोनों बांग्लादेश के नाओगांव जिले के धामुरहाट क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें से एक नाबालिग था और भारत देखने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि उसका वयस्क दोस्त उसे लेकर खुले सीमा क्षेत्र से भारत में दाखिल हुआ। भारत आने के बाद दोनों एक जंगल में छिपे हुए थे। स्थानीय लोगों की नजर पड़ने के बाद उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों ने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने चकभातशाला इलाके में आत्रेयी नदी के किनारे से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। आत्रेयी नदी से हाथीशूड़ा इलाके के एक तालाब तक करीब 150 मीटर के हिस्से में बाड़ नहीं है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में बीएसएफ की निगरानी के बावजूद दोनों इसी खुले हिस्से से भारत में प्रवेश करने में सफल रहे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार वयस्क युवक करीब छह महीने पहले भी इसी रास्ते से भारत आया था। उसने दावा किया कि उस समय वह चकभातशाला इलाके में मोहन टुडू नामक व्यक्ति के घर ठहरा था और कुछ दिन बाद बांग्लादेश लौट गया था। हालांकि, पुलिस और बीएसएफ को अब तक मोहन टुडू नाम के किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी नहीं मिली है। पुलिस उसके बयान की भी जांच कर रही है।

पूछताछ में युवक ने कथित तौर पर बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह पासपोर्ट और वीजा नहीं बनवा सकता था। चूंकि उसका दोस्त पहले भारत नहीं आया था, इसलिए वह उसे लेकर खुले सीमा क्षेत्र से भारत में दाखिल हुआ।

बालुरघाट के विधायक विद्युत कुमार राय ने कहा कि पुलिस यह जांच कर रही है कि दोनों वास्तव में घूमने के उद्देश्य से भारत आए थे या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। उन्होंने कहा कि जहां भूमि संबंधी विवाद नहीं हैं, ऐसे खुले सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने का काम किया जा रहा है।

इस बीच, सीमा पर ले जाकर घटना का पुनर्निर्माण कराए जाने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सेवानिवृत्त डिप्टी पुलिस अधीक्षक विपुल मजूमदार ने कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल में इस तरह की कार्रवाई के बारे में नहीं सुना। हालांकि, किसी गंभीर घटना की स्थिति में पुलिस या बीएसएफ प्रवेश और निकास के बिंदुओं की जांच कर सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार