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कालिम्पोंग–सिक्किम की लाइफ लाइन को सुरक्षित बनाने की पहल, एनएच-10 पर मरम्मत कार्य प्रगति पर

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कालिम्पोंग–सिक्किम की लाइफ लाइन को सुरक्षित बनाने की पहल, एनएच-10 पर मरम्मत कार्य प्रगति पर


सिलीगुड़ी, 22 फरवरी (हि. स.)। नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने सिलीगुड़ी के सेवक से कालिम्पोंग और सिक्किम जाने वाली दस नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-10) की मरम्मत और विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। इस लाइफ लाइन सड़क पर भूस्खलन प्रभावित इलाकों में नदी की ओर नीचे से कंक्रीट की मजबूत गार्डवॉल बनाई जा रही है, ताकि बारिश के मौसम में धंसाव को रोका जा सके।

एनएचआईडीसीएल सूत्रों के अनुसार, पूरे परियोजना को पूरा करने में अभी लगभग एक वर्ष का समय लगेगा। आगामी मानसून को देखते हुए युद्धस्तर पर काम जारी है।

दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि कालिम्पोंग और सिक्किम की लाइफ लाइन को चालू रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। दीर्घकालिक समाधान के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की जा रही है।

गौरतलब है कि एनएच-10 पर अक्सर पहाड़ों से भूस्खलन होने के कारण सड़क बाधित हो जाती है। कई बार बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क का हिस्सा टूटकर तीस्ता नदी में समा जाता है। पिछले वर्ष भी कई दिनों तक कालिम्पोंग और सिक्किम का संपर्क समतल क्षेत्रों से कट गया था। वैकल्पिक सड़क निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन फिलहाल एनएच-10 ही मुख्य सहारा है।

करीब डेढ़ वर्ष पहले इस सड़क का जिम्मा राज्य लोक निर्माण विभाग से लेकर केंद्र सरकार की एजेंसी एनएचआईडीसीएल को सौंपा गया था। सेवक से कालिझोरा, बिरिकडारा, लोहापुल, 29 माइल और स्वेतिझोरा जैसे संवेदनशील इलाकों में तीस्ता नदी के किनारे गार्डवॉल का निर्माण तेजी से चल रहा है। यहां करीब 200 मजदूर लगातार काम कर रहे है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पहले चरण में इस परियोजना के लिए लगभग 220 करोड़ रुपये आवंटित किए है। योजना के तहत सेवक से तीस्ता बाजार तक सड़क को चौड़ा करने और नदी की ओर मजबूत गार्डवॉल बनाने की दीर्घकालिक रणनीति पर काम हो रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार