कार्तिक महाराज बोले- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होगा तारकेश्वर, सनातन विरासत के संरक्षण पर जोर
हुगली, 14 जुलाई (हि. स.)। धार्मिक नेता कार्तिक महाराज ने मंगलवार को तारकेश्वर दौरे के दौरान कहा कि राज्य सरकार सनातन धर्म और हिंदू विरासत के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने इसके लिए सरकार की सराहना करते हुए धन्यवाद भी दिया।
उन्होंने बताया कि तारकेश्वर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिस पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की सफलता के लिए केवल सरकारी प्रयास ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों का सहयोग भी आवश्यक होगा।
कार्तिक महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा के पुनरुद्धार के उद्देश्य से तारकेश्वर के साथ मालदा के कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी चिन्हित किया गया है। इस वर्ष पहली बार पश्चिम बंगाल सरकार रथयात्रा के आयोजन में सहयोग कर रही है, जो स्वागतयोग्य कदम है।
कार्तिक महाराज के अनुसार, राज्य के प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा, जिन सड़कों के नाम भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप नहीं हैं, उनके नाम बदलने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
तारकेश्वर में हाल ही में आयोजित पुष्पवर्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री की इच्छा के अनुरूप की गई थी और इसका उन्होंने स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में सनातन धर्म की विरासत के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और तारकेश्वर को एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

