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आवासीय इमारतों में नहीं चल सकेंगे होटल, उपयोग परिवर्तन जरूरी : अग्निमित्रा पाल

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आवासीय इमारतों में नहीं चल सकेंगे होटल, उपयोग परिवर्तन जरूरी : अग्निमित्रा पाल


कोलकाता, 02 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने आवासीय इमारतों और फ्लैटों में चल रहे होटलों पर सख्ती के संकेत दिए हैं। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बुधवार को कहा कि आवासीय परिसरों में होटल चलाने के लिए निर्धारित उपयोग में बदलाव की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

पाल ने होटल और रेस्तरां संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद कहा कि आवासीय इमारतों और फ्लैटों से होटल चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जहां जरूरी हो, कोलकाता नगर निगम के नियमों के तहत इमारत के उपयोग में बदलाव कराना होगा।

उन्होंने कहा कि मध्य कोलकाता में बड़ी संख्या में छोटे और बजट होटल पुराने आवासीय मकानों और फ्लैटों में चल रहे हैं। इनमें मार्क्विस स्ट्रीट, मिर्जा गालिब स्ट्रीट और कॉलिन स्ट्रीट जैसे इलाकों के होटल भी शामिल हैं।

सरकार ने होटल और रेस्तरां संचालकों को अनिवार्य अग्निशमन लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। तय समय सीमा में आवेदन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम 19 अगस्त को मध्य कोलकाता में मिर्जा गालिब स्ट्रीट के पास एक इमारत में लगी आग के बाद उठाया गया है। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। बीरभूम के तारापीठ-रामपुरहाट इलाके में एक होटल में लगी आग ने भी होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए थे।

पाल ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य होटल और रेस्तरां बंद करना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों को व्यावसायिक उपयोग के लिए कानूनी रूप से अधिकृत परिसरों में ही संचालित होना होगा और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।

बैठक में मौजूद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में कमियां मिली हैं। इनमें अपर्याप्त सीढ़ियां और उचित आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं होना शामिल है।

अब सरकार आवासीय परिसरों से संचालित हो रहे होटलों की जांच करेगी और उन्हें नगर निगम के भवन उपयोग तथा अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर