आईआईटी खड़गपुर में युवा संगम के तहत उत्तराखंड के युवा प्रतिनिधिमंडल का स्वागत
खड़गपुर, 07 अक्टूबर (हि. स.)। युवा संगम चरण सात के तहत पश्चिम बंगाल के नोडल उच्च शिक्षण संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने बुधवार को उत्तराखंड के करीब 50 महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (एचएनबीजीयू), श्रीनगर के पांच संकाय सदस्य भी पहुंचे हैं।
सात से 13 अक्टूबर तक चलने वाली इस एक सप्ताह की यात्रा का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ, ज्ञान के आदान-प्रदान और आपसी संपर्क को मजबूत करना है। युवा संगम के पांच प्रमुख आयामों— परंपरा, प्रौद्योगिकी, प्रगति, परस्पर संपर्क और पर्यटन—के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल की तकनीकी उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत, पारिस्थितिक विविधता, आध्यात्मिक परंपराओं, औद्योगिक विकास और स्थानीय समुदायों को करीब से जानेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा की शुरुआत आईआईटी खड़गपुर के ऐतिहासिक परिसर से की। विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक एवं अनुसंधान वातावरण तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में रवीन्द्र संगीत, बंगाल के पारंपरिक नृत्य, छऊ नृत्य और बाउल संगीत के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की जाएगी।
आठ अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल लोक भवन का भ्रमण करेगा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल से संवाद करेगा। इस दौरान नोडल अधिकारी डॉ. गायत्री मुखर्जी, सह-नोडल अधिकारी डॉ. राजलक्ष्मी गुहा तथा आईआईटी खड़गपुर के अधिकारी सुधीर कुमार, सांबा कर, संगीता मंडल और ईशान अहमद उपस्थित रहेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल कोलकाता के प्रमुख स्थलों का भ्रमण करते हुए सुंदरबन जाएगा।
नौ अक्टूबर को सुंदरबन में नौका सफारी के माध्यम से विद्यार्थी मैंग्रोव वनों, जलमार्गों और जैव विविधता को करीब से समझेंगे। 10 अक्टूबर को बेलूर मठ, रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय का भ्रमण किया जाएगा। इसके बाद औद्योगिक पार्क का दौरा होगा।
11 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक विष्णुपुर पहुंचेगा, जहां टेराकोटा मंदिरों, स्थापत्य कला और बालूचरी रेशम की जानकारी मिलेगी। शाम को आईआईटी खड़गपुर लौटकर संस्थान के निदेशक से संवाद और विशेष रात्रिभोज होगा।
12 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल निकटवर्ती जनजातीय गांव का भ्रमण करेगा। इसके बाद दीघा-ताजपुर के समुद्र तटीय क्षेत्र की ओर रवाना होगा। यहां योग सत्र और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद आयोजित किया जाएगा। हिमालय से बंगाल की खाड़ी तक की यह यात्रा भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर देगी।
13 अक्टूबर को आईआईटी खड़गपुर में समापन सत्र होगा। इसमें प्रतिनिधि और मेजबान सप्ताह भर के अनुभवों, सीख और बने मैत्री संबंधों को साझा करेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वापसी यात्रा शुरू करेगा।
परंपरा, प्रौद्योगिकी, प्रगति, परस्पर संपर्क और पर्यटन के माध्यम से युवा संगम युवाओं के बीच आपसी समझ, मित्रता और साझा राष्ट्रीय पहचान की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। उत्तराखंड के हिमालय से पश्चिम बंगाल के समुद्र तक की यह यात्रा एक जुड़े हुए भारत की भावना को दर्शाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

