तृणमूल के हाथ से निकली यात्राडांगा पंचायत, भाजपा के कब्जे में
मालदा, 23 सितंबर (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के कब्जे वाली यात्राडांगा ग्राम पंचायत अब भाजपा के हाथों में चली गई है। बुधवार को पंचायत गठन को लेकर हुई प्रक्रिया में तृणमूल कांग्रेस की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों में से तीन के अनुपस्थित रहने के कारण भाजपा के छह सदस्यों को लेकर नया बोर्ड गठित किया गया। भाजपा की उमा भारती टुडू को नया प्रधान चुना गया।
पिछले पंचायत चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने एकल बहुमत के साथ यात्राडांगा ग्राम पंचायत पर कब्जा किया था। सजनी पहाड़िया प्रधान और जीसान अली उपप्रधान बने थे। कुछ वर्षों बाद तृणमूल कांग्रेस के ही एक वर्ग के सदस्यों की ओर से प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसका नेतृत्व पंचायत सदस्य मानजारुल हक कर रहे थे। बुधवार को इसी अविश्वास प्रस्ताव और पंचायत गठन की प्रक्रिया होनी थी।
हालांकि पंचायत गठन से पहले अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों में से कुछ के अनुपस्थित रहने के कारण भाजपा के छह सदस्यों को लेकर नया बोर्ड गठित हो गया। पंचायत गठन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मौके पर तृणमूल कांग्रेस के तीन सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व उपप्रधान जीसान अली भी शामिल थे।
नई प्रधान के निर्वाचित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने अबीर खेलकर और आतिशबाजी कर खुशी जताई। नई प्रधान उमा भारती टुडू ने कहा कि वह इलाके के विकास को प्राथमिकता देकर काम करेंगी।
पूर्व उपप्रधान जीसान अली ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों ने अपने स्वार्थ के कारण ऐसा किया था, लेकिन अंततः वे पंचायत गठन की प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने नई प्रधान को शुभकामनाएं भी दीं।
वहीं, पूर्व प्रधान सजनी पहाड़िया के पति रंजन लोहार ने किसी का नाम लिए बिना ‘हक साम्राज्य का पतन’ होने का तंज कसा।
दूसरी ओर, अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पंचायत सदस्य मानजारुल हक ने दावा किया कि पंचायत गठन की प्रक्रिया से पहले उनके साथ रहने वाले तीन सदस्यों से उनका संपर्क टूट गया था। बाद में उनके पक्ष के सदस्य भी अनुपस्थित रहे। इसी वजह से उन्होंने गठन प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्य भाजपा के साथ चले गए हैं।
यात्राडांगा पंचायत पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच इलाके में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

