राइटर्स बिल्डिंग में कर्मचारियों को लेकर सख्ती शुरू, कर्मचारियों पर कसा शिकंजा
कोलकाता, 12 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सरकारी दफ्तरों में कार्यसंस्कृति सुधारने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार ने मंगलवार को राइटर्स बिल्डिंग स्थित न्याय विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए सख्त उपस्थिति नियम लागू कर दिए हैं।
नई नीति के अनुसार, सभी कर्मचारियों को सुबह 10:15 बजे तक कार्यालय पहुंचना अनिवार्य होगा, जबकि शाम 5:15 बजे से पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सरकारी कामकाज को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि कार्यालय आने-जाने का समय पहले भी निर्धारित था, लेकिन अब इसे लेकर सख्ती बढ़ाए जाने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी इसी तरह के नियम लागू किए जा सकते हैं।
सरकारी महकमों में लंबे समय से कर्मचारियों के देर से आने और समय से पहले निकल जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कई कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय आते-जाते हैं, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित होता है और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसी अनियमितता पर रोक लगाने के लिए नई सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहले ही ‘मैं नहीं, हम’ का संदेश दे चुके हैं। माना जा रहा है कि सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कार्यसंस्कृति बहाल करना नई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। न्याय विभाग से शुरू हुई यह सख्ती अब दूसरे विभागों तक भी पहुंच सकती है।
इधर राज्य के सरकारी कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि पहले केंद्रीय दर पर महंगाई भत्ता यानी डीए मिलेगा या फिर नया वेतन आयोग लागू किया जाएगा। कर्मचारियों के बीच इसे लेकर लगातार अटकलें और चर्चाएं जारी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

