भारी बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद हुगली समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा
कोलकाता, 03 सितंबर (हि. स.)। दक्षिण बंगाल में लगातार हो रही बारिश के बीच झारखंड और बिहार में हुई भारी बारिश के कारण विभिन्न जलाशयों से पानी छोड़े जाने से दामोदर नदी के निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से पूर्व बर्धमान, हावड़ा और हुगली के दामोदर तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क है।
गुरुवार तड़के से कोलकाता और आसपास के इलाकों में कई घंटों तक रुक-रुक कर बारिश हुई। महानगर में फिलहाल बड़े पैमाने पर जलजमाव की सूचना नहीं है, लेकिन आसपास के जिलों के कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर 24 परगना के दमदम, पानीहाटी, बारासात, खड़दह और नैहाटी के कुछ हिस्सों में जलजमाव की खबर है। बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी कई इलाके जलमग्न हुए हैं।
पिछले कुछ दिनों से झारखंड और बिहार में बारिश बढ़ने के बाद डीवीसी ने मैथन और पंचेत जलाशयों से पानी छोड़ना शुरू किया है। गुरुवार को मैथन से करीब 58 हजार क्यूसेक और पंचेत से 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों जलाशयों से कुल करीब 1.18 लाख क्यूसेक पानी दामोदर नदी के रास्ते दुर्गापुर बैराज पहुंच रहा है।
दुर्गापुर बैराज में आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र की बारिश का पानी भी जमा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैराज से करीब 1.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका असर पूर्व बर्धमान, हावड़ा और हुगली के निचले इलाकों में पड़ सकता है।
राज्य प्रशासन के अधिकारियों ने डीवीसी अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे और कितना पानी छोड़ा जा सकता है, इसकी जानकारी ली है। संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
हुगली के आरामबाग महकमा क्षेत्र से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। आरामबाग, खानाकुल, गोघाट और पुरशुड़ा के कई इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। खासकर खानाकुल के निचले इलाकावासियों की चिंता बढ़ी है।
प्रशासन ने रात में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया है। विभिन्न फेरीघाटों पर निगरानी बढ़ाई गई है और नदी पार करते समय नाव में लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। खानाकुल के विधायक सुशांत घोष ने भी नदी मार्ग से विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया।
स्थानीय लोगों को आशंका है कि डीवीसी से छोड़ा गया पानी द्वारकेश्वर, मुंडेश्वरी और रूपनारायण समेत विभिन्न नदियों में पहुंचने पर आरामबाग महकमा के बड़े हिस्से में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश के बीच हुगली के कुछ इलाकों में जल निकासी की समस्या भी सामने आई है। सप्तग्राम पंचायत के चक बांसबेड़िया और शंखनगर इलाके में सड़कों से पानी नहीं उतरने की शिकायत स्थानीय लोगों ने की है। पंचायत के उपप्रधान फिरोज अंसारी ने कहा कि जल निकासी से जुड़ी एक जगह की सफाई जरूरी है और आने वाले दिनों में समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
उत्तरपाड़ा शहर के कई हिस्सों में भी जलजमाव की शिकायत है। उत्तरपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल परिसर में भी टखने तक पानी जमा होने की सूचना है, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है।
लगातार बारिश के कारण बीरभूम में कोपाई नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते कंकालीतला मंदिर परिसर एक बार फिर जलमग्न हो गया। पुलिस ने प्रभावित इलाके में बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित की है।
लाभपुर की कुए नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। कांदरकुला से बाघसिना जाने वाली सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है और प्रशासन ने इस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया है। नदी पार करने के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। जलस्तर और बढ़ने पर कीर्णाहार सहित बाघसिना, जयचंद्रपुर, खांपुर और चतुर्भुजपुर समेत करीब 15 गांव प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं, गुरुवार सुबह गंगा के तेज बहाव के कारण मालदा के केशरपुर कालोटोन टोला इलाके में बांध का करीब 20 मीटर हिस्सा टूट गया। इसके बाद भूतनी इलाके में पानी प्रवेश करने लगा है। इससे मानिकचक ब्लॉक के भूतनीचर क्षेत्र में फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सिंचाई विभाग ने फिलहाल अस्थायी बांध तैयार किया है, लेकिन उसके टिकाऊ रहने को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

