उत्तरपाड़ा में तृणमूल के कर्मी सम्मेलन में नामों को लेकर विवाद, पार्षद ने जताई नाराजगी
हुगली, 22 मार्च (हि. स.)। जिले के उत्तरपाड़ा में तृणमूल कांग्रेस के एक कर्मी सम्मेलन के दौरान मंच से कुछ नेताओं के नाम नहीं लिए जाने को लेकर रविवार को विवाद खड़ा हो गया, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर हो गए।
रविवार को उत्तरपाड़ा के बलाका मैदान में तृणमूल उम्मीदवार शीर्षण्य बनर्जी के समर्थन में आयोजित इस सम्मेलन में स्थानीय कार्यकर्ताओं और जिला नेतृत्व को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे।
उत्तरपाड़ा नगरपालिका के तृणमूल पार्षद तापस मुखर्जी ने आरोप लगाया कि सम्मेलन में चुनिंदा नेताओं के नाम ही मंच से लिए गए, जबकि कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि युवा तृणमूल कांग्रेस के राज्य सचिव शुभदीप मुखर्जी कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन उन्हें मंच पर नहीं बुलाया गया और उनका नाम भी नहीं लिया गया। इसी तरह तृणमूल छात्र परिषद के अध्यक्ष को भी मंच पर नहीं बुलाया गया।
पार्षद ने आरोप लगाया कि भले ही पार्टी नेतृत्व एकजुटता का संदेश देता है, लेकिन व्यवहार में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
तापस मुखर्जी ने कहा कि यह बेहद आपत्तिजनक है। जिस इलाके में सम्मेलन होता है, वहां के स्थानीय प्रतिनिधियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पार्षदों के नाम नहीं लेना एक बात है, लेकिन पदाधिकारियों के नाम तक नहीं लेना स्वीकार्य नहीं है। जब कुछ नेताओं को बोलने का मौका दिया गया, तो बाकी को भी दिया जाना चाहिए था।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

