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मालदा में मोथाबाड़ी घटना पर अतिरिक्त जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस, कुल 43 गिरफ्तार

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मालदा में मोथाबाड़ी घटना पर अतिरिक्त जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस, कुल 43 गिरफ्तार


कोलकाता, 06 अप्रैल (हि.स.)। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विवाद के बाद मोथाबाड़ी में न्यायाधीशों को घेरकर कथित रूप से परेशान किए जाने तथा एक अप्रैल को पूरे मालदा जिले में हुई अव्यवस्था के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार मालदा के जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (जिला परिषद) शेख अंसार अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बताया गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान नाम हटने की शिकायत को लेकर मोथाबाड़ी, सुजापुर और इंग्लिश बाजार समेत कई क्षेत्रों में राज्य तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध किया गया था। इस दौरान व्यापक अव्यवस्था फैल गई थी और जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हुई थी।

घटनाओं के दौरान स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारी शेख अंसार अहमद को सक्रिय देखा गया था। हालांकि, आरोप है कि वह स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने और अपने कर्तव्य के निर्वहन में असफल रहे। इसी कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

इस बीच मोथाबाड़ी घटना में रविवार रात को पुलिस ने छह और लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी को मोथाबाड़ी थाने की पुलिस ने पकड़ा है। इसके साथ ही इस मामले में कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है।

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। सोमवार को जांच का चौथा दिन है। केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी कालियाचक से लेकर इंग्लिश बाजार के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे और कई लोगों से पूछताछ की।

अधिकारियों ने मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कालियाचक–2 ब्लॉक कार्यालय के कुछ कर्मचारियों से भी बातचीत की। रविवार सुबह मालदा के अतिरिक्त जिलाधिकारी (विकास) अनिंद्य सरकार को भी वहां बुलाकर पूछताछ की गई। कुछ स्थानीय समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों से भी जांच दल ने जानकारी ली है। सूत्रों के अनुसार, अब तक लगभग 150 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

एक अप्रैल की घटना के बाद ब्लॉक विकास कार्यालय के आसपास की अधिकांश दुकानें रविवार को भी बंद रहीं। मछली और मुर्गी सहित कई दुकानों के बंद रहने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या लोग पूछताछ से बचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जांच दल ने वाहन स्टैंडों पर जाकर भी कुछ लोगों से बातचीत की।

जांच अधिकारियों ने इंग्लिश बाजार शहर के पुलिस लाइन क्षेत्र के कई स्थानों के निगरानी कैमरों की दृश्य सामग्री भी अपने कब्जे में ली है। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सोमवार को न्यायालय में प्रस्तुत की जानी है, जिसके लिए जांच दल के रविवार रात तक मालदा से लौटने की संभावना जताई गई है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच दल का एक समूह कोलकाता के बालीगंज स्थित घायल न्यायाधीश के आवास पर भी गया और उनसे घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि उस समय कितने लोग मौजूद थे और न्यायाधीशों के काफिले को किन-किन स्थानों पर रोका गया था।

इसी दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले व्यक्ति ने कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हमला था। उसके अनुसार, न्यायाधीशों के काफिले पर हमले के कारण पुलिस की पायलट गाड़ी सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी, जिसमें चालक और केंद्रीय बल का एक जवान घायल हो गया। ------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर