पार्क सर्कस स्टेशन क्षेत्र में रेलवे भूमि पर बनी अवैध दुकानों को किया ध्वस्त
कोलकाता, 28 जून (हि.स.)। कोलकाता के पार्क सर्कस रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भारतीय रेल द्वारा शनिवार देर रात बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में स्टेशन परिसर और आसपास की रेलवे भूमि पर वर्षों से बनी अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल, रेल सुरक्षा बल और त्वरित कार्रवाई बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध को रोका जा सके।
जानकारी के अनुसार, पूर्वी रेलवे के सियालदह दक्षिण खंड के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में दुकानदारों और स्थानीय विक्रेताओं को पहले ही नोटिस जारी कर दुकानें हटाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी दुकानों को खाली नहीं किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।
शनिवार देर रात रेलवे पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे स्टेशन परिसर को घेर लिया। इसके बाद लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों को अपना सामान हटाने की अंतिम चेतावनी दी गई और कुछ समय भी दिया गया। हालांकि, अधिकांश दुकानदारों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर बुलडोजर की मदद से एक-एक कर अवैध दुकानें गिरा दी गईं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पार्क सर्कस स्टेशन क्षेत्र लंबे समय से भीड़भाड़ और अवैध अतिक्रमण के कारण चर्चा में रहा है। आरोप है कि यहां वर्षों में बड़ी संख्या में अवैध दुकानें और ठेले लग गए थे, जिससे यात्रियों को आवागमन में कठिनाई होती थी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती थीं।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य रेलवे भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पूरी कार्रवाई लगभग 2.5 घंटे तक चली।
इसी बीच कोलकाता नगर निगम ने भी शहर के विभिन्न फ्लाईओवरों के नीचे से अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम ने उत्तर कोलकाता में सियालदह फ्लाईओवर और दक्षिणी बाहरी इलाके में सुकांत सेतु के नीचे अवैध रूप से बनी दुकानों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है। संबंधित लोगों को सात दिनों के भीतर स्थान खाली करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि, पार्क सर्कस वही इलाका है जहां ममता बनर्जी की सरकार के समय पुलिस भी जाने से बचती थी।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

