राम नवमी शोभायात्रा हिंसा को लेकर भाजपा और तृणमूल आमने-सामने
कोलकाता, 28 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राम नवमी शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। खासकर मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती बाजार इलाके में हुई झड़पों के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात ठीक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तुष्टीकरण की राजनीति के जरिए मतों का ध्रुवीकरण करना चाहती हैं और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक रणनीति है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अपने शासनकाल में न तो अल्पसंख्यकों के लिए और न ही बहुसंख्यकों के लिए कोई ठोस काम किया है। लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि मत हासिल करने के लिए राज्य में हिंसा और दंगे जैसी स्थितियां पैदा की जाती हैं और मुर्शिदाबाद तथा बासंती जैसी घटनाएं उसी का उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में 15 वर्षों की सत्ता विरोधी लहर है और जनता अब बदलाव चाहती है। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल की जनता पिछले डेढ़ दशक के अनुभव के आधार पर इस बार सरकार बदलने का मन बना चुकी है और भाजपा को सत्ता में लाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश को यह जानना चाहिए कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य की जनता के साथ क्या किया और किस तरह लोगों का विश्वास टूटा है।
वहीं, दूसरी ओर राज्य की मंत्री शशि पांजा ने कहा कि यदि इस तरह की कोई घटना हुई है तो संबंधित अधिकारी निश्चित रूप से इसकी जांच करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था निर्वाचन आयोग भी इस मामले को देखेगी।
हालांकि, शशि पांजा ने भाजपा पर ही माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भाजपा ने राम नवमी शोभायात्राएं निकालीं, वहां हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें चाकू और तलवार जैसे हथियार शामिल थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेज ध्वनि में संगीत बजाया गया और भाषणों के जरिए लोगों को उकसाया गया, जिससे कई बार स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है।
उन्होंने कहा कि, भाजपा धार्मिक शोभायात्राओं को राजनीतिक रैली में बदलने की कोशिश कर रही है। शशि पांजा ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की सभाओं में कभी कानून व्यवस्था की समस्या नहीं हुई, जबकि भाजपा राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

