जनहित से जुड़े कार्यों में नहीं होगी देरी, जरूरत पड़ी तो खुद करूंगा निरीक्षण : मंत्री भास्कर भट्टाचार्य
हुगली, 11 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग) एवं श्रम राज्य मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने कहा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने का वह पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके विभाग पर बड़ी जिम्मेदारी है और जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में मंत्री भट्टाचार्य ने कहा कि लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अंतर्गत पेयजल, सीवरेज, डिजास्टर मैनेजमेंट और आम लोगों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं आती हैं। इन योजनाओं पर पिछले वर्षों में भारी मात्रा में धन खर्च किया गया, लेकिन कई जगहों पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दिए।
उन्होंने कहा, “कई परियोजनाओं में खर्च तो हुआ है, लेकिन काम जमीन पर नजर नहीं आ रहा। ऐसे मामलों की जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित और अधूरे कार्यों की समीक्षा की गई है। अब प्रत्येक परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा।”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और जरूरत पड़ने पर वह स्वयं विभिन्न परियोजनाओं का औचक निरीक्षण करने के लिए क्षेत्र में जाएंगे।
उद्योग और श्रमिक— दोनों के हितों का रखा जाएगा ध्यान
श्रम विभाग की कार्ययोजना पर बोलते हुए भास्कर भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में लागू श्रम कानून संतुलित, पारदर्शी और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास होगा कि उद्योग जगत और श्रमिक संगठनों को एक साथ बैठाकर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और सरकार दोनों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ेगी।”
जूट मिलें फिर से खुलेंगी, मालिकों के साथ होगी बैठक
राज्य की बंद पड़ी जूट मिलों के मुद्दे पर मंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि जूट उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं और हाल ही में कैबिनेट मंत्री अर्जुन सिंह ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी।
भास्कर भट्टाचार्य ने कहा, “राज्य की जूट मिलों को फिर से चालू करने के लिए सरकार गंभीर है। जल्द ही सभी जूट मिल मालिकों को एक साथ बुलाकर बैठक की जाएगी। बातचीत के माध्यम से समस्याओं का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाएगा और श्रमिकों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और श्रमिकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

