दक्षिण दिनाजपुर में मेडिकल ऑफिसर भर्ती सूची को लेकर सियासी विवाद, भाजपा ने लगाया आरक्षण के दुरुपयोग का आरोप
कोलकाता, 22 फ़रवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल भाजपा ने रविवार को सोशल मीडिया पर दक्षिण दिनाजपुर जिले की मेडिकल ऑफिसर (ब्लड सर्विस) भर्ती से जुड़ी एक सूची साझा करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा का दावा है कि यह सूची पश्चिम बंगाल की है और इसमें आरक्षण नीति के नाम पर कथित तौर पर अनियमितता की गई है।
भाजपा द्वारा साझा किए गए दस्तावेज़ के अनुसार, यह सूची 23 फरवरी 2026 को बालुरघाट स्थित पुराने सीएमओएच कार्यालय भवन में होने वाली दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया से संबंधित है। सूची में कुल 18 अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं और सभी को ‘जनरल’ श्रेणी में दर्शाया गया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि ओबीसी श्रेणी में शामिल मुस्लिम अभ्यर्थियों को सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण का लाभ देकर उन नौकरियों पर नियुक्त किया जा रहा है, जो कथित तौर पर हिंदू अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित थीं। पार्टी ने इसे आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है।
भाजपा के सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने राज्य सरकार से इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, इस मामले पर राज्य सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रशासनिक स्तर पर भी सूची की सत्यता या भाजपा के आरोपों को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

