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बंगाल सरकार ने स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

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कोलकाता, 24 मार्च (हि.स.)। आगामी विधानसभा चुनाव को हिंसा और भयमुक्त बनाने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी सरकारी विभागों और अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नवान्न स्थित राज्य सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में चुनाव के दौरान पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए छह प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें सबसे अधिक प्राथमिकता हिंसा-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को दी गई है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

राज्य सरकार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि मतदाताओं को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को रोका जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय दबाव या भय का सामना न करे।

दिशा-निर्देश में यह भी कहा गया है कि चुनाव पूरी तरह प्रलोभन-मुक्त होने चाहिए। मतदाताओं को पैसे या उपहार देकर प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने फर्जी मतदान, जिसे आम तौर पर बूथ कब्जा या छापा मतदान कहा जाता है, के खिलाफ भी शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की बात कही है। इसके अलावा बूथ जाम करने या मतदान केंद्रों पर अवैध भीड़ जमा करने की घटनाओं को रोकने के लिए भी कड़े उपाय तय किए गए हैं।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मतदाताओं की आवाजाही रोकने की किसी भी कोशिश पर कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही सभी सरकारी कर्मचारियों को आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

नवान्न की ओर से कहा गया है कि इन दिशा-निर्देशों को सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं तथा नगर निकाय और पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाए। साथ ही सभी विभागों को 25 मार्च शाम 5:30 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट निर्धारित ईमेल पते पर भेजने को कहा गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कदम पिछले चुनावों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि इस बार पहले से ही एहतियाती व्यवस्था की जा सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि दिशा-निर्देशों या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर