शोर नहीं, रोशनी का हो त्योहार : पटाखों को लेकर राज्य सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश
कोलकाता, 30 अक्टूबर (हि. स.)। काली पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार ने पटाखे फोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। दीपावली के दिन रात आठ बजे से 10 बजे तक और छठ पूजा के दिन सुबह छह बजे से आठ बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। इसके साथ ही केवल अनुमोदित पर्यावरण अनुकूल पटाखों के इस्तेमाल, खरीद-बिक्री, आयात और भंडारण की अनुमति होगी।
शुक्रवार को पर्यावरण भवन में राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री मनोज कुमार उरांव ने इस संबंध में संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान पर्यावरण विभाग के सदस्य डॉ. आकाश प्रताप सिंह और सुमित गुप्ता भी उपस्थित रहे।
मंत्री ने बताया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर केवल अनुमोदित पर्यावरण अनुकूल पटाखों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। दीपावली और छठ पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नियंत्रण कक्ष और विशेष मोबाइल दल सक्रिय रहेंगे। ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से संबंधित शिकायतें बोर्ड के टोल फ्री नंबर 1800-345-3390 और 033-2202-3057 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पटाखों से उत्पन्न ध्वनि के लिए भी अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। शब्द पटाखों के मामले में 125 डेसीबल और आतिशबाजी के लिए 90 डेसीबल की सीमा तय की गई है। वहीं, अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
आकाशदीप और फानूस उड़ाने के लिए भी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस संबंध में मंत्री ने बताया कि जो पारंपरिक परिवार हर वर्ष अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार आकाशदीप या फानूस उड़ाते हैं, उन्हें राज्य अग्निशमन विभाग से संपर्क कर आवश्यक अनुमति लेनी होगी।
पटाखा बाजारों की स्थापना को लेकर भी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मंत्री मनोज कुमार उरांव ने बताया कि इस वर्ष संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पटाखा बाजारों को अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थापित करने की व्यवस्था की गई है। इन बाजारों का सरकारी स्तर पर निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही, नियमित पुलिस गश्त की भी व्यवस्था रहेगी।
मंत्री ने अवैध पटाखों को जब्त करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप

