पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के सत्यापन का निर्देश, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया तेज
कोलकाता, 14 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने राज्यभर के जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को मतदाता सूचियों का व्यापक सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इस अभियान के तहत ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी जो अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, पंजीकृत पते पर नहीं रह रहे हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सभी जिलों में मतदाता सूचियों की विस्तृत समीक्षा कर अयोग्य नामों को भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूचियों का गहन परीक्षण करने को कहा गया है।
निर्देश में विशेष रूप से फॉर्म-7 आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया है। फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची में आपत्ति दर्ज कराने और नाम हटाने के लिए किया जाता है। सत्यापन अभियान के दौरान चिन्हित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार यह अभियान आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। निर्वाचन अधिकारियों का मानना है कि अद्यतन मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और फर्जी अथवा दोहराव वाले नामों को रोकने के लिए आवश्यक है।
राज्य के सभी जिला प्रशासनिक अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

