विस चुनाव 2026: मतदान से पहले बंगाल में दो जगहों से भारी मात्रा में नकदी बरामद, जांच शुरू
कोलकाता, 19 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले दो चरणों के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के दो अलग-अलग इलाकों में पिछले 12 घंटों के दौरान भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। गुरुवार को पुलिस सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
नकदी बरामदगी की ये घटनाएं दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर और उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में हुई हैं। चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध धन के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग पहले ही कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू कर चुका है।
चुनाव आयोग ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए 294 सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इस तरह पश्चिम बंगाल पांच चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग सामान्य पर्यवेक्षक तैनात किया गया है। इसके अलावा 188 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं।
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के जॉयतला इलाके में नियमित जांच के दौरान पुलिस ने एक मोटरसाइकिल सवार को रोका। तलाशी के दौरान उसके बैग से करीब नौ लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान समद अली सरदार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह जयनगर थाना क्षेत्र के तिलपी इलाके का रहने वाला है और तिलपी से कुराली की ओर जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि नियमित जांच अभियान के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद तलाशी ली गई और नकदी बरामद हुई। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है और पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
दूसरी घटना अलीपुरद्वार जिले में सामने आई, जहां पुलिस को सूचना मिली कि चौपाटी मोड़ के पास एक होटल में ठहरे एक दंपति के पास बड़ी मात्रा में नकदी है।
सूचना के आधार पर पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने दंपति की निजी कार को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से दो लाख 75 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वाहन पर असम का पंजीकरण नंबर लगा हुआ था।
पुलिस पूछताछ में वाहन मालिक ने खुद को असम का व्यवसायी बताया। दंपति ने कहा कि वे चिरांग से अलीपुरद्वार घूमने आए थे, लेकिन नकदी के स्रोत को लेकर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुनावी माहौल को देखते हुए नकदी बरामदगी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। बरामद धन के स्रोत और उसके संभावित उपयोग की जांच की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि नकदी का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया जाना था, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

