home page

डायमंड हार्बर में जमीन के नीचे से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद, जांच में जुटे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस

 | 
डायमंड हार्बर में जमीन के नीचे से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद, जांच में जुटे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस


कोलकाता, 11 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र में जमीन के नीचे दबाकर रखी गई भारी मात्रा में दवाइयां बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। हिन्चाबेरिया गांव में खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में दवाइयां मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, ड्रग कंट्रोल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस और ब्लॉक प्रशासन की मौजूदगी में एक निर्धारित स्थान पर खुदाई शुरू की गई। प्रारंभिक खुदाई में जमीन के नीचे से बड़ी मात्रा में दवाइयां बरामद हुईं। इसके बाद और गहराई तक खोजबीन के लिए अर्थ रिमूवर मशीन मंगाई गई, जिसकी सहायता से अतिरिक्त दवाइयां भी निकाली गईं।

घटना की जानकारी मिलते ही ड्रग कंट्रोल विभाग के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बरामद दवाइयों की प्रकृति, उनकी वैधता और उन्हें जमीन में दबाने के कारणों की जांच की जा रही है। पारुलिया कोस्टल थाना पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं का आरोप है कि बरामद दवाइयों में से कई की एक्सपायरी डेट अभी समाप्त नहीं हुई है। उनका दावा है कि करोड़ों मूल्य की दवाइयों को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के बजाय जमीन के नीचे दबा दिया गया। भाजपा नेताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कुछ सरकारी योजनाओं से संभावित संबंधों की भी आशंका जताई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि ट्रकों के जरिए इस क्षेत्र में दवाइयां लाकर दबाई जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक बरामद दवाइयों की कुल मात्रा या अनुमानित बाजार मूल्य को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि दवाइयां कहां से लाई गईं, उन्हें जमीन में क्यों दबाया गया और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर