एनआरएस में इलाज में गड़बड़ी का आरोप, गरीब मरीज की आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री से गुहार
कोलकाता, 2 सितंबर (हि.स.)। कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) की जगह अपेंडिक्स निकालने के आरोप के बाद इलाज पर हुए भारी खर्च से परेशान बेलघाटा निवासी एक गरीब मरीज ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। तृणमूल कांग्रेस के बेलघाटा विधायक कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर मरीज की मदद का आग्रह किया था। कुणाल के मुताबिक, उनके पत्र के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में कदम उठाया और मरीज से संपर्क किया।
मरीज गोपाल पोड़ेल के परिजनों के अनुसार, जुलाई में पेट और सीने में दर्द के बाद उन्हें एनआरएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में पित्ताशय में पथरी होने की बात सामने आई थी। इसके बाद अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि पित्ताशय की जगह उनका अपेंडिक्स निकाल दिया गया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ दिनों बाद गोपाल को फिर पेट में तेज दर्द होने लगा। इसके बाद उन्हें उल्टाडांगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज पर करीब दो लाख रुपये खर्च हो गए। श्रमिक गोपाल के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना मुश्किल था। बाद में साल्टलेक के करुणामयी इलाके के एक अस्पताल में स्वास्थ्य साथी कार्ड के जरिए उनका इलाज और ऑपरेशन कराया गया।
हालांकि, मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने एनआरएस में इलाज में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही नहीं पाए गए। उन्होंने कुणाल घोष की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई विधायक सरकार की आंख और कान के रूप में काम करता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जांच रिपोर्ट कुणाल को उपलब्ध कराई जाएगी।
बुधवार को कुणाल घोष ने कहा कि एनआरएस में हुई घटना को लेकर अभी भी कुछ धुंधलापन है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने मामले में कदम उठाया है, जो सकारात्मक बात है।
कुणाल ने बताया कि उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गोपाल की आर्थिक स्थिति और एनआरएस में कथित इलाज में गड़बड़ी की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनसे संपर्क किया और इसके बाद गोपाल से भी बात की गई।
गोपाल ने कहा कि बीमारी के कारण उनकी हालत खराब है और इलाज में खर्च होने से वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट गए हैं। उन्होंने कुणाल घोष के हस्तक्षेप के लिए आभार जताया। गोपाल के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय ने उन्हें आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी है और निजी अस्पताल में हुए इलाज से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

