तीस्ता नदी पर 1,175 करोड़ के नए पुल को मंजूरी, मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र सरकार का आभार
कोलकाता, 01 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तीस्ता नदी पर 1,175.59 करोड़ रुपये की भारी भरकम लागत से बनने वाले एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुल परियोजना को मंजूरी देने के लिए गुरुवार को केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को राज्य की जनता की ओर से धन्यवाद देते हुए इस फैसले का स्वागत किया। सेवक के पास तीस्ता नदी पर बनने वाला यह 6-लेन का अत्याधुनिक पुल 6.91 किलोमीटर लंबा होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इस नई बुनियादी ढांचा परियोजना को राज्य और देश के लिए सामरिक दृष्टि से बेहद अहम करार दिया। उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे अक्सर रणनीतिक रूप से 'चिकन नेक सेक्टर' के रूप में जाना जाता है, उसकी भौगोलिक संवेदनशीलता और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए तीस्ता नदी पर एक उच्च क्षमता वाले और टिकाऊ पुल की सख्त आवश्यकता थी। यह नया पुल ऐतिहासिक कोरोनेशन ब्रिज के एक मजबूत विकल्प के रूप में काम करेगा, जिसे 1941 में चालू किया गया था और जो अब काफी पुराना हो चुका है।
परियोजना के आर्थिक और रणनीतिक फायदों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के इस अपग्रेडेशन से न केवल यात्री और माल ढुलाई की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि उत्तर बंगाल, सिक्किम और पूरे पूर्वोत्तर भारत तक क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला भी काफी सुदृढ़ हो जाएगी। अधिकारी ने यह भी जोर दिया कि इस परियोजना से वहां के समुदायों के लिए आर्थिक विकास के कई नए रास्ते खुलेंगे। केंद्र के इस कदम को सहकारी संघवाद का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस पुल का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराने के लिए जमीनी स्तर पर हर संभव मदद मुहैया कराएगी।
ज्ञात हो कि, पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद से ही प्रशासन उत्तर बंगाल के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में काफी सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जो क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का शिकार था। राज्य मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ सदस्य ने इस दिशा में सरकार की रणनीति स्पष्ट करते हुए बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य 'ट्रिपल टी यानी चाय, लकड़ी और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देकर उत्तर बंगाल का समग्र आर्थिक विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत होना सबसे जरूरी है और तीस्ता नदी पर बनने वाला यह नया पुल इस दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

