लक्ष्मी भंडार योजना में 30 लाख फर्जी लाभार्थी, पुरुषों और घुसपैठियों के खातों में जा रही थी राशि: शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, 27 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को दावा किया कि राज्य सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में करीब 30 लाख लोग फर्जी तरीके से लाभ ले रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की राशि न सिर्फ अवैध घुसपैठियों, बल्कि कई पुरुषों के खातों में भी भेजी जा रही थी।
नवान्न में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से योजना में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में अपात्र लोगों के खाते में सरकारी सहायता पहुंच रही थी। उन्होंने कहा कि अब लाभार्थियों की सूची का नए सिरे से सत्यापन किया जाएगा और केवल पात्र भारतीय महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सिर्फ राष्ट्रवादी भारतीय महिलाओं को ही यह सहायता दी जाएगी। कई ऐसे लोग भी योजना का लाभ ले रहे थे, जिन्हें इसका अधिकार नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरुषों, गैर भारतीय नागरिकों, आयकरदाताओं, सरकारी कर्मचारियों और नियमित वेतन पाने वालों को नई व्यवस्था के तहत बाहर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी उद्देश्य से ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नए फॉर्म भरने के बाद लाभार्थियों की सूची तैयार होगी और अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 27 तारीख से अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म उपलब्ध हो जाएंगे और दो जून तक आवेदन करने वालों को तीन जून से राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्नपूर्णा योजना पूरी तरह लागू होने तक ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना जारी रहेगी। हालांकि नई योजना के तहत नाम दर्ज होते ही पुरानी योजना का लाभ बंद कर दिया जाएगा। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

