सरकारी खरीद में अब अनिवार्य होंगी सीवीसी की गाइडलाइन : मुख्यमंत्री
कोलकाता, 21 मई (हि.स.)। सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और कटमनी के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी विभागों, सरकारी संस्थानों और एजेंसियों के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की गाइडलाइन को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से चालू सप्ताह में अधिसूचना जारी की गई है।
नए निर्देशों के अनुसार अब राज्य सरकार के अधीन सभी विभागों में वस्तुओं की खरीद, सेवाओं के चयन और परियोजनाओं के लिए ठेके देने की प्रक्रिया सीवीसी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही की जाएगी। अब तक इन मामलों में मुख्य रूप से राज्य के वित्तीय नियम लागू होते थे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पहले की व्यवस्था में कई बार निविदा प्रक्रिया और परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में सरकार का दावा है कि इस फैसले से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।
वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है और यह निर्णय उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
वित्त सचिव प्रभात मिश्र के हस्ताक्षर वाली अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सभी विभागों को तत्काल प्रभाव से सीवीसी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करना होगा।
प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि इस बदलाव से सरकारी निविदाओं और खरीद प्रक्रियाओं पर निगरानी मजबूत होगी और भविष्य में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों में कमी आ सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

