बांग्लादेशी घुसपैठियों को काेर्ट में पेश करने के बजाय सीधे बीएसएफ को सौंपे : शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, 21 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को निर्देश दिया है कि पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालत में पेश करने के बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवाले किया जाए। गुरुवार को हावड़ा में आयोजित प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हावड़ा रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में अवैध घुसपैठियों की पहचान और निगरानी के लिए स्टेशन परिसर में कड़ी चौकसी जरूरी है। पुलिस आयुक्त और आरपीएफ को निर्देश दिया है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए)
के दायरे में नहीं आने वाले किसी भी बांग्लादेशी घुसपैठिये को यदि हावड़ा स्टेशन पर पकड़ा जाता है तो उसे अदालत भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के बाद सीधे पेट्रापोल सीमा अथवा बसीरहाट सीमा चौकी पहुंचाकर बीएसएफ के सुपुर्द करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक सप्ताह पकड़े जाने वाले घुसपैठियों की संख्या का ब्यौरा पुलिस महानिदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना होगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में पिछले वर्ष ही दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने उन्हें लागू नहीं किया। अब राज्य में नई सरकार बनने के बाद इन निर्देशों को प्रभावी किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि, नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को शरणार्थी का दर्जा दिया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए ऐसे लोगों को देश से निष्कासित नहीं किया जाएगा। यह प्रावधान 4 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हुए आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 33 के तहत लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को नवान्न में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भी कहा था कि जो लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम के अंतर्गत नहीं आते, उन्हें पकड़कर सीधे बीएसएफ के हवाले किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने केंद्र की इस नीति को लागू करने में रुचि नहीं दिखाई थी। भाजपा लंबे समय से राज्य में अवैध घुसपैठ के मुद्दे को उठाती रही है और नई सरकार बनने के बाद इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

