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बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में ममता समर्थक विधायक बाहर, ऋतब्रत खेमे का दबदबा

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बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में ममता समर्थक विधायक बाहर, ऋतब्रत खेमे का दबदबा


कोलकाता, 24 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा की कार्यवाही, सत्र की समय-सारिणी और विधायी कामकाज तय करने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का पुनर्गठन कर दिया गया है। 19 जून को गठित नई कमेटी के सदस्यों की सूची बुधवार को सार्वजनिक हुई। सूची में ममता बनर्जी समर्थक तृणमूल कांग्रेस विधायकों को जगह नहीं मिलने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

नई कमेटी में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और उनके समर्थक विधायकों की मजबूत मौजूदगी दिखाई दे रही है। साथ ही वाम मोर्चा, कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है।

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी विधानसभा की अत्यंत महत्वपूर्ण समिति मानी जाती है। यह समिति विधानसभा सत्र की अवधि, बैठक की तारीखें, चर्चा के विषय, विधेयकों को पेश करने और पारित कराने की समय-सारिणी तथा प्रस्तावों और विधेयकों पर चर्चा के लिए निर्धारित समय तय करती है। सरकार और विपक्ष की ओर से आने वाले विधायी प्रस्तावों पर चर्चा की रूपरेखा भी इसी समिति में तैयार होती है।

नई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में कुल 19 पूर्ण सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय, विपक्ष के मुख्य सचेतक आखरुज्जामान और सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक अम्लान भादुड़ी शामिल हैं।

पूर्ण सदस्यों की सूची में मंत्री निशीथ प्रामाणिक, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, दीपक बर्मन, तापस राय, शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, स्वपन दासगुप्त, शारद्वत मुखोपाध्याय, मालती रावा राय, विशाल लामा, उमेश राय, अनुपम विश्वास और बिराज विश्वास के नाम शामिल हैं। ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के करीबी माने जाने वाले बिप्लब मित्र और समीर कुमार जाना को भी पूर्ण सदस्य बनाया गया है।

समिति में आमंत्रित सदस्यों के रूप में आईएसएफ के विधायक नौशाद सिद्दीकी, कांग्रेस विधायक मोहताब शेख और माकपा विधायक मोहम्मद मोस्तफिजुर रहमान को शामिल किया गया है।

आमंत्रित सदस्यों की सूची में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के हुमायूं कबीर के अलावा भाजपा के बंकिम चंद्र घोष, पार्थ सारथी चट्टोपाध्याय, सुदीप कुमार मुखर्जी और अरुण हालदार भी शामिल हैं। ऋतब्रत बंद्योपाध्याय समर्थक माने जाने वाले संदीपन साहा और जावेद अहमद खान को भी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

नई समिति में ममता समर्थक तृणमूल विधायकों की अनुपस्थिति और ऋतब्रत खेमे की प्रमुख भागीदारी को विधानसभा के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर