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भाजपा सरकार ने ‘मां कैंटीन’ का नाम बदलकर किया ‘मां आहार’, याेजना जारी रखने का किया ऐलान

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भाजपा सरकार ने ‘मां कैंटीन’ का नाम बदलकर किया ‘मां आहार’, याेजना जारी रखने का किया ऐलान


कोलकाता, 03 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजना ‘मां कैंटीन’ को जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, योजना का नाम बदलकर अब ‘मां आहार’ कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने राज्यभर में इस योजना के विस्तार की भी घोषणा की है।

बुधवार को नवान्न में नई सरकार की पूर्ण मंत्रिपरिषद की पहली बैठक के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘मां कैंटीन’ योजना का नाम बदलकर ‘मां आहार’ रखा गया है और इसे पहले की तरह जारी रखा जाएगा।

दिलीप घोष ने कहा कि अभी तक राज्य में 390 केंद्रों से इस योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराया जाता था। अब 110 नए ‘मां आहार’ केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद राज्य में कुल 500 केंद्रों से लोगों को मात्र पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन मिलता रहे। इसी उद्देश्य से योजना को बंद करने के बजाय उसका विस्तार करने का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि, विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन होने पर कई लोगों ने आशंका जताई थी कि तृणमूल सरकार की इस लोकप्रिय योजना को बंद किया जा सकता है। हालांकि, भाजपा सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना को बंद नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह भी संकेत दिया था कि भविष्य में योजना के भोजन मेन्यू में बदलाव कर अंडा-भात के स्थान पर मछली-भात शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।

गौरतलब है कि ‘मां कैंटीन’ योजना की शुरुआत 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर की गई थी। सबसे पहले दक्षिण कोलकाता के देशप्रिय पार्क क्षेत्र में श्रमिकों के लिए 5 रुपये में दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया गया था।

योजना के तहत लोगों को 5 रुपये में चावल, दाल और अंडे की सब्जी अथवा उबला अंडा दिया जाता था। मुख्य रूप से सरकारी अस्पतालों के बाहर आने वाले गरीब मरीजों और उनके परिजनों को कम लागत में भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई थी।

नई सरकार के फैसले के बाद अब ‘मां आहार’ के नाम से यह योजना राज्यभर में और अधिक केंद्रों के माध्यम से संचालित की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर