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भाजपा नेताओं ने राज्य में घुसपैठ, ध्रुवीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर टीएमसी पर साधा निशाना

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भाजपा नेताओं ने राज्य में घुसपैठ, ध्रुवीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर टीएमसी पर साधा निशाना


कोलकाता, 21 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने घुसपैठ ध्रुवीकरण और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर राज्य की ममता बनर्जी सरकार को अरे हाथों लिया है। शनिवार को पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर विभाजनकारी राजनीति, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और अवैध घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

भट्टाचार्य ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में बदलाव और अनियंत्रित घुसपैठ भविष्य में सामाजिक और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर पार्टी की नीति “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने एक धार्मिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ राजनीतिक बयान दिए जाने की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक शालीनता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामलों में आमतौर पर सर्वदलीय सहमति बनी रहती है और इस परंपरा को तोड़ा नहीं जाना चाहिए।

इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने एक अहम दल-बदल की घोषणा करते हुए कहा कि पूर्वस्थली क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य स्वपन भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर पुनः भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने कहा कि एक वर्तमान जनप्रतिनिधि का यह निर्णय राज्य की राजनीतिक स्थिति का महत्वपूर्ण संकेत है।

सिन्हा ने राज्य में हाल के भ्रष्टाचार मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोगों की गिरफ्तारी से जवाबदेही का सवाल सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब निर्वाचन आयोग की सख्त निगरानी से स्थिति में बदलाव आ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी होती है तो राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव संभव है।

आरजी कर अस्पताल की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताई और इसे प्रशासनिक विफलता का उदाहरण बताया।

संवाददाता सम्मेलन के अंत में नेताओं ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता परिवर्तन के पक्ष में है और आगामी चुनाव में इसका लोकतांत्रिक रूप से प्रतिबिंब दिखाई देगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय