2026 बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ‘केंद्रीय बल’ के आरोप पर भाजपा ने तृणमूल को घेरा
कोलकाता, 24 फरवरी (हि. स.)। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पश्चिम बंगाल में सियासी तापमान बढ़ने लगा है। इसी बीच चुनावों में केंद्रीय बलों और केंद्रीय एजेंसियों की कथित भूमिका को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाती रही है कि वह विपक्ष शासित राज्यों में सत्ता हासिल करने के लिए केंद्रीय बलों और जांच एजेंसियों का राजनीतिक औजार के रूप में उपयोग करती है। पार्टी का कहना है कि देश के अन्य राज्यों में हुए पिछले चुनावों के उदाहरणों से स्पष्ट है कि ऐसे तौर-तरीके अपनाए जाते रहे हैं और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जा सकती है।
इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी इस विवाद को लेकर चिंतित नहीं है। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा 2026 के चुनाव के लिए गंभीरता से तैयारी कर रही है और एक मार्च से अपने अभियान को और तेज करेगी।
चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका को लेकर चल रही चर्चा के बीच निर्वाचन आयोग पहले ही संकेत दे चुका है कि यदि केंद्रीय बल तैनात किए जाते हैं तो वे निष्क्रिय नहीं रहेंगे और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में उठी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
भट्टाचार्य ने कहा कि हर चुनाव से पहले इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन जनता जमीन पर हकीकत जानती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा आगामी चुनाव किसी बाहरी सहारे पर नहीं, बल्कि अपने संगठनात्मक बल पर लड़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची के प्रकाशन, बलों की तैनाती या मतदान के चरणों की संख्या जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी चिंतित नहीं है। भाजपा का ध्यान शांतिपूर्ण तरीके से मतदाताओं तक पहुंचने और अपने पक्ष में अधिकाधिक मतदान सुनिश्चित करने पर रहेगा।
अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर उनके बयान ने भी राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को अपने मताधिकार का प्रयोग करने की पूरी स्वतंत्रता है। यदि वे भाजपा का समर्थन नहीं भी करते हैं तो इससे पार्टी के सत्ता में आने की संभावनाएं प्रभावित नहीं होंगी। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ वर्गों से राज्य की वर्तमान सरकार की भूमिका पर आत्ममंथन करने की अपील भी की।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

