तृणमूल ने हुमायूं कबीर पर लगाया आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, आयोग से की कार्रवाई की मांग
कोलकाता, 16 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ चुनाव आयोग का रुख किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बना चुके हुमायूं कबीर ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को भेजे गए ई-मेल में हुमायूं कबीर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। शिकायत के साथ एक प्रेसवार्ता का वीडियो भी संलग्न किया गया है, जिसमें कबीर कथित रूप से ऐसे बयान देते हुए सुनाई दे रहे हैं। इन टिप्पणियों में पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी का नाम भी शामिल है।
पार्टी ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस तरह की बयानबाजी आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। नियमों के तहत किसी भी उम्मीदवार को किसी व्यक्ति के निजी जीवन पर हमला करने या अशोभनीय एवं नैतिकता के विरुद्ध टिप्पणी करने की अनुमति नहीं है।
तृणमूल ने यह भी दावा किया है कि हुमायूं कबीर के बयान भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 356, 351 और 174 का भी उल्लंघन करते हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से हुमायूं कबीर को कारण बताओ नोटिस जारी करने, संबंधित एजेंसी को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने तथा कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
हाल ही में तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि कबीर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हजार करोड़ रुपये का समझौता किया है, जिसका उद्देश्य आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक मतों का विभाजन करना है। हालांकि, कबीर ने इस वीडियो को फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार बताया है। वहीं, भाजपा ने भी इस तरह के किसी समझौते से इनकार किया है।
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख व हैदराबाद से लाेकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर और उनकी पार्टी के साथ घोषित गठबंधन ताेड़ दिया है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

