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कोलकाता पोर्ट सीट पर भाजपा के उम्मीदवार चयन पर उठे सवाल, राकेश सिंह को बनाया प्रत्याशी

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कोलकाता पोर्ट सीट पर भाजपा के उम्मीदवार चयन पर उठे सवाल, राकेश सिंह को बनाया प्रत्याशी


कोलकाता, 8 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट से राकेश सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। हालांकि, उनके नाम की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि बंगाल भाजपा नेतृत्व इस बार राकेश सिंह को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के खिलाफ मैदान में उतार सकता है। अब आधिकारिक घोषणा के बाद इन अटकलों पर मुहर लग गई है।

उम्मीदवार घोषित होते ही राकेश सिंह ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह से ही उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया। इसके अलावा उन्होंने कोलकाता पोर्ट इलाके के एक मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

गौरतलब है कि, अगस्त 2025 में राकेश सिंह पर मौलाली स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय बिधान भवन में तोड़फोड़ करने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्टर पर स्याही फेंकने का आरोप लगा था। यह हमला बिहार में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार पर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में किया गया था।

घटना के बाद राकेश सिंह फरार हो गए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के आधार पर पुलिस ने सितंबर में उन्हें तांगड़ा इलाके से गिरफ्तार किया था। इस मामले में उनके कई समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया था। उनके बेटे शिवम सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई।

इसके बाद अक्टूबर में कोलकाता पुलिस ने राकेश सिंह और उनके बेटे को कसबा इलाके के एक आवासीय परिसर में कथित हंगामा करने के आरोप में फिर गिरफ्तार किया था। इस मामले में उनकी नाबालिग बेटी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।

अब उन्हें भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे व्यक्ति को पार्टी ने टिकट क्यों दिया। -------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर