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तृणमूल पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा -चार मई के बाद होंगे बड़े राजनीतिक बदलाव

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तृणमूल पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा -चार मई के बाद होंगे बड़े राजनीतिक बदलाव


कोलकाता, 18 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दावा किया कि आगामी चार मई के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को रोकना है।

शुभंकर सरकार ने अपने संबोधन की शुरुआत हल्के अंदाज में करते हुए अपनी खराब आवाज की तुलना केंद्र और राज्य सरकार की बिगड़ी हुई स्थिति से की। उनके इस बयान में राजनीतिक कटाक्ष भी साफ दिखाई दिया।

उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत आधार देने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका रही है। विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत के लोकतंत्र को सशक्त बनाने में कांग्रेस ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मूल शक्ति मतदान है और इसमें आम जनता की भागीदारी सबसे जरूरी है। यदि लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जाता है तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रक्रियाओं के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

आगामी विधानसभा चुनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह चुनाव जनता को तुलना के आधार पर निर्णय लेने का अवसर देगा। लोगों को यह देखना चाहिए कि कांग्रेस शासनकाल में क्या विकास हुआ और बाद में तृणमूल कांग्रेस तथा वाम मोर्चा शासन में राज्य की क्या स्थिति बनी। उन्होंने विशेष रूप से नए मतदाताओं से जागरूक होकर सही निर्णय लेने की अपील की।

अपनी उम्मीदवारी को लेकर शुभंकर सरकार ने कहा कि वह श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने उनके सामने रोजगार संकट का मुद्दा उठाया है। हिंदमोटर कारखाना और कई जूट मिल बंद होने से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।

महिला आरक्षण विधेयक पर भी उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी की। हालांकि, इस विषय पर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर चल रही चर्चा का उल्लेख किया।

कांग्रेस की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो दो खेल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में दलाल तंत्र समाप्त कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाया जाएगा।

पत्रकार सम्मेलन के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि चार मई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने के लिए जनता के बीच जा रही है और चुनाव में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद रखती है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर